पीला मोजेक ने बर्बाद की सोयाबीन की फसल! सफेद मक्खी से कैसे करें बचाव, जानिए आसान उपाय

पीला मोजेक ने बर्बाद की सोयाबीन की फसल! सफेद मक्खी से कैसे करें बचाव, जानिए आसान उपाय


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Agriculture News: मध्य प्रदेश में सोयाबीन की खेती को पीला मोजैक वायरस और सफेद मक्खी (व्हाइटफ्लाई) ने बर्बाद कर दिया है. यह रोग तेजी से फसल को प्रभावित करता है.

सागर. मध्य प्रदेश को सोया प्रदेश भी कहा जाता है, लेकिन पिछले कुछ सालों से पीले सोने की खेती पर येलो बिन मोजैक के अटैक ने किसानों को बर्बाद कर दिया है. हर साल पीला रोग आने की वजह से लाखों हेक्टेयर की फसल प्रभावित होती है. इस रोग की खास बात यह होती है कि यह बहुत तेजी से संक्रमण की तरह एक पौधे से दूसरे पौधे में फैलता है और इसको कंट्रोल करने के लिए सीधे प्रभावित पौधे को खेत से अलग ही करना पड़ता है, लेकिन लोगों के मन में सवाल होता है कि आखिर पीला मोजेक रोग फैलता कैसे यह होता क्या है?

पीला मोजैक को लेकर भारत सरकार के इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट सेंटर मुरैना में पदस्थ प्लांट प्रोटक्शन ऑफीसर सुनीत कटियार बताते हैं कि पिछले कई सालों से हम देख रहे हैं कि सोयाबीन की फसल मध्य प्रदेश में जो उगाई जाती है. उसमें सबसे ज्यादा समस्या येलो मोजेक जिसे पीला मोजेक भी कहते हैं. इसी की आ रही है, एक दो बीमारी और होती है, लेकिन उनका उतना प्रभाव नहीं है. पीला मोजैक रोग लगने पर पौधे के पत्ते पीले होकर सूखकर जमीन पर गिर जाते हैं और फिर इसमें फलन नहीं होता है, जिसकी वजह से किसानों की खाद बीज और मेहनत सब बर्बाद हो जाती है.

पीला मोजैक एक वायरस के द्वारा होता है इसका जो वाहक है वह व्हाइटफ्लाई यानी सफेद मक्खी है. यह खेतों में फैल कर फसल को तबाह कर देती हैं. अगर हम शुरुआत से ही व्हाइटफ्लाई सफेद मक्खी का नियंत्रण कर लेते हैं, तो शायद उतना नुकसान फसल में ना हो पाता हैं. हम अपनी फसल को बचा सकते हैं.

अब सोयाबीन की खेती करने वाले किसानों को इस बात का ध्यान रखना है कि जहां पर भी उनके खेत है जहां सोयाबीन की फसल को उग रहे हैं. इसकी मॉनिटरिंग निगरानी शुरू से ही करने की आवश्यकता होती है. अगर हमें अपने सोयाबीन के खेत में एक भी पीला पौधा दिखाई दे रहा है और लगता है कि इसमें रोग का इफेक्ट आ गया है, तो उस पौधे को पॉलिथीन से अच्छे से कर करें और जड़ से काट दें फिर या तो इस पौधे को जला दें या कहीं गड्ढा करके दबा दें ऐसे कम मात्रा में जितने भी पौधे हैं उनके साथ ऐसा ही करें.

इसके साथ हमें इस चीज पर भी ध्यान देना है कि अगर हमारे खेत में कहीं पर भी सफेद मक्खी दिखाई देती है. उस खेत में तो पीला चिपचिपा फंदा लगा दें, 20 से 25 प्रति हेक्टेयर, किसान भाई चाहे तो पिला चिपचिपा फंदा को खुद ही बना सकते हैं. कोई गोलाई वाली चीज में पीले पॉलीथिन या कलर करके ग्रीस लगा करके उसको अपने खेत में लगा सकते हैं. इससे क्या होगा कि जो सफेद मक्खी है वह जाकर चिपक जाएगी, कुछ दिन बाद उसको हटा करके दोबारा ग्रीस लगा दीजिए इसमें कोई खर्च नहीं आएगा और सफेद मख्खी के प्रकोप को कंट्रोल भी कर सकते हैं.

इसके बाद अगर हमें लग रहा है कि सफेद मक्खी का प्रकोप बढ़ रहा है, तो नीम तेल का भी उपयोग कर सकते हैं. 1500 ppm नीम तेल का उपयोग मक्खी नियंत्रण में कर सकते हैं.

Anuj Singh

Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें

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