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Ujjain News: पुजारी ओम चतुर्वेदी ने लोकल 18 से कहा कि मंदिर से परंपरा के अनुसार डोल ग्यारस पर काल भैरव की सवारी निकलती है. नगर भ्रमण के दौरान भक्तों के कल्याण के लिए भगवान काल भैरव से प्रार्थना की जाती है. बाबा…और पढ़ें
पुजारी ओम चतुर्वेदी ने लोकल 18 को बताया कि मंदिर से परंपरानुसार डोल ग्यारस पर काल भैरव की सवारी निकलती है. नगर भ्रमण के दौरान सभी के कल्याण के लिए भगवान काल भैरव से प्रार्थना की जाती है. बाबा की प्रतिमा पालकी में विराजित कराने के बाद सवारी प्रारंभ होती है. सवारी के साथ पुलिस बल के सशस्त्र जवान, बैंड, ढोल, ध्वज, घोड़ा बग्गी के साथ ही बड़ी संख्या में भक्त भी शामिल थे.
जेल गेट पर काल भैरव का पूजन
काल भैरव मंदिर से सवारी प्रारंभ होकर केंद्रीय जेल भैरवगढ़ पहुंची. यहां पर जेल प्रशासन द्वारा भगवान काल भैरव की अगवानी के लिए साज-सज्जा की गई थी. इस दौरान जेल सुपरिटेंडेंट मनोज साहू ने पालकी में विराजित बाबा काल भैरव का पूजन कर आरती की. वहीं जेल गेट पर पुलिस बल ने गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया. जेल के अंदर से ही बड़ी संख्या में कैदियों ने बाबा काल भैरव के दर्शन किए. पूजन के पश्चात सवारी शिप्रा तट सिद्धवट मंदिर पहुंची.
कैदियों ने बनाई रंगोली
केंद्रीय भेरूगढ़ जेल में बाबा काल भैरव की एक झलक पाने के लिए जेल के कैदी एक हफ्ते से तैयारी और इंतजार कर रहे थे. जैसे ही बाबा की पालकी जेल में कैदियों को दर्शन देने आई, वे बाबा की झलक पाते ही खुशी से झूमते नजर आए. बाबा की सवारी आने से पहले कैदियों ने स्वागत में रंगोली बनाई. उसके बाद जैसे ही बाबा की पालकी जेल में आई, कैदियों ने जमकर फूल बरसाए. वहीं महिला कैदी भी भजन करती नजर आईं.