छिंदवाड़ा में साइबर क्राइम अवेयरनेस वर्कशॉप: जय हो फाउंडेशन और पुलिस ने किया जागरूक; बोले- सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी – Chhindwara News

छिंदवाड़ा में साइबर क्राइम अवेयरनेस वर्कशॉप:  जय हो फाउंडेशन और पुलिस ने किया जागरूक; बोले- सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी – Chhindwara News


छिंदवाड़ा के जय हो फाउंडेशन ने मध्यप्रदेश पुलिस, एनआईआईटी फाउंडेशन दिल्ली और एक्सिस बैंक छिंदवाड़ा के सहयोग से साइबर क्राइम प्रिवेंशन एवं अवेयरनेस वर्कशॉप का सफल आयोजन किया। इस वर्कशॉप का उद्देश्य लोगों को लगातार बढ़ रही साइबर अपराध की घटनाओं से अवगत

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दो घंटे तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। विशेषज्ञों ने साइबर अपराध के बदलते स्वरूप और उनसे बचाव के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी। एनआईआईटी फाउंडेशन से मास्टर ट्रेनर मोहित कनोजिया, एक्सिस बैंक छिंदवाड़ा के मैनेजर क्षितिज शुक्ला और पुलिस साइबर सेल से मोहित चंद्रवंशी ने विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार फर्जी कॉल, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग लिंक और सोशल मीडिया फ्रॉड्स से लोग रोजाना ठगी का शिकार हो रहे हैं और किस तरह सावधानी बरतकर इससे बचा जा सकता है।

जागरूकता अभियान में पहुंचे साइबर विशेषज्ञ

सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी भी कार्यक्रम में जय हो फाउंडेशन की टीम से रामकुमार चंदेरे, एडवोकेट कीर्ति तिवारी, लॉयर शुभम शर्मा, अनिमेष सिंह और इंद्रपाल रघुवंशी भी मौजूद रहे। इस दौरान संस्थापक एवं अध्यक्ष तरुण तिवारी ने कहा कि आज के दौर में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय भर नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह की वर्कशॉप्स के माध्यम से आम नागरिकों को जागरूक करना और सुरक्षित साइबर समाज का निर्माण करना फाउंडेशन का मुख्य लक्ष्य है।

वर्कशॉप के अंत में जय हो फाउंडेशन की ओर से होस्ट संस्थान को साइबर सिक्योरिटी टूलकिट भेंट की गई। समापन सत्र में स्टारटेक के हेड अनुराग ने सभी उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।

जय हो फाउंडेशन ने इस मौके पर यह भी घोषणा की कि आने वाले समय में जिले और प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में इसी तरह की वर्कशॉप्स, ट्रेनिंग प्रोग्राम और जागरूकता अभियानों का आयोजन लगातार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग साइबर अपराध से बचाव के तरीकों को समझ सकें और एक सुरक्षित डिजिटल जीवन जी सकें।



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