डॉ शर्मा को मिला ग्लोबल साउथ एम्बेसडर 2025 पुरस्कार: महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य के लिए काम करने पर मिला सम्मान; सेवा भारती ने किया सम्मानित – Guna News

डॉ शर्मा को मिला ग्लोबल साउथ एम्बेसडर 2025 पुरस्कार:  महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य के लिए काम करने पर मिला सम्मान; सेवा भारती ने किया सम्मानित – Guna News



सेवा भारती कार्यालय पर डॉ शर्मा का सम्मान किया गया।

जिले के जाने-माने रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एल.के. शर्मा को इंडियन रेडियोलॉजिकल इमेजिंग एसोसिएशन की ओर से ग्लोबल साउथ एंबेसडर 2025 का पुरस्कार मिला है। उनकी इस उपलब्धि पर सेवा भारती ने उनके कार्यालय पहुंचकर सम्मान किया।

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डॉ. रामवीर सिंह ने बताया कि डॉ. शर्मा जिले के ऐसे पहले डॉक्टर हैं, जिन्होंने बेटी बचाओ आंदोलन की शुरुआत में बड़ा कदम उठाया था। अपनी पहली बेटी के जन्म के बाद उन्होंने नसबंदी कराकर समाज को यह संदेश दिया कि बेटा-बेटी में कोई फर्क नहीं है।

लिंग परीक्षण का किया विरोध डॉ. शर्मा ने हमेशा लिंग परीक्षण (Sex Determination) का विरोध किया। डॉ. शर्मा ने अपने सेंटर पर कभी भी भ्रूण का लिंग परीक्षण नहीं किया। इसके लिए उन्होंने लोगों को जागरूक भी किया।

इसी का असर है कि आज गुना जिले में किसी भी सेंटर पर भ्रूण लिंग परीक्षण नहीं होता। वरना पहले लोग गर्भावस्था के दौरान लिंग परीक्षण कराकर बच्ची होने पर गर्भपात करा देते थे। डॉ. शर्मा की इस पहल से समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच बढ़ी है।

10 साल से चला रहे रोटरी क्लब जिला मीडिया प्रभारी विकास जैन ने बताया कि MCH प्रोजेक्ट (मातृ एवं शिशु) रोटरी क्लब 3053 जिला गुना का एक खास प्रकल्प है। यह पिछले दस सालों से लगातार चल रहा है और “स्वयं से बढ़कर सेवा” के भाव को साकार करता है।

रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ललित किशोर शर्मा ने कहा कि किसी भी देश की प्रगति का अंदाजा वहां की माताओं और बच्चों के स्वास्थ्य से लगाया जाता है। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत 14 नवंबर 2011 को हुई थी। उस समय गुना के कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ मिलकर रोटरी क्लब गुना को कुपोषण से लड़ाई में शामिल किया और एक आंगनवाड़ी केंद्र के बच्चों की जिम्मेदारी दी।

क्लब ने कुपोषित बच्चों के लिए किया काम शुरुआत में रोटरी क्लब के एक सदस्य ने रोज अपने घर से उस केंद्र के कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार देना शुरू किया। इससे कई बच्चे कुपोषण से निकलकर सामान्य वजन वाले हो गए। बाद में इसे और आगे बढ़ाया गया।

साल 2012-13 में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ललित किशोर शर्मा क्लब के अध्यक्ष बने। डॉ. शर्मा ने समझाया कि कुपोषण को अगर गर्भावस्था में ही पहचानकर गर्भवती महिलाओं और गर्भ में पल रहे बच्चों की सही देखभाल की जाए, तो यह ज्यादा प्रभावी होता है। इसके लिए सोनोग्राफी बहुत मददगार होती है, हालांकि इसमें अधिक खर्च और कानूनी नियमों की चुनौतियां भी थीं।

भारत में कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए PCPNDT कानून लागू है। इस कानून के अनुसार केवल रजिस्टर्ड रेडियोलॉजिस्ट ही रजिस्टर्ड स्थान पर सोनोग्राफी कर सकता है। इस नियम के चलते रोटरी के 2010 के घोषणा पत्र का महत्व और बढ़ गया, जिसमें कहा गया था कि स्वयं के व्यवसाय को सेवा का माध्यम बनाना है।

संस्थान ने निशुल्क सोनोग्राफी की इसी सोच के साथ चयनित अध्यक्ष और उनका संस्थान, जो PCPNDT कानून के तहत रजिस्टर्ड है। संस्थान ने चिन्हित क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की निशुल्क सोनोग्राफी करना शुरू किया। साथ ही उन्हें आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम और माइक्रोन्यूट्रीएंट्स भी उपलब्ध कराए गए ताकि मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रह सकें।

इस मौके पर सेवा भारती अध्यक्ष डॉ. रामवीर सिंह रघुवंशी, आरोग्य भारती अध्यक्ष डॉ. पी. बुनकर, जिला मीडिया प्रभारी विकास जैन नखराली, सचिव अखिलेश विजयवर्गीय, रमेश मालवीय, भंवरलाल पंत, काशीराम औरैया, नरेंद्र सिंह सेंगर, मुन्नालाल यादव, प्रमोद यादव समेत सेवा भारती के कई सदस्य उपस्थित रहे।



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