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Balaghat News: बालाघाट डीएफओ ने कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने विभाग को विधायक की शिकायत में जो चिट्ठी लिखी थी, वो वायरल हो गई है.
विधायक पर वसूली का आरोप
डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने विभाग को 18 अगस्त को एक चिट्ठी लिखी थी. इसके मुताबिक, 16 अगस्त 2025 को सार्वजनिक छुट्टी थी. ऐसे में बालाघाट के रेस्ट हाउस में करीब 4 बजे विधायक अनुभा मुंजारे ने सरकारी पद की आड़ में डीएफओ को बुलाया और दो-तीन लाख रुपए की मांग की. आरोप है कि जब डीएफओ ने डिमांड पूरी नहीं की तो विधायक ने गालीगलौज करते हुए परिवार को टारगेट करने की भी धमकी दीं. इतना ही नहीं, विधायक ने मौजूद वन अधिकारियों और पूरे डिपार्टमेंट को बेइज्जत किया. धमकी दी की कोई भी अधिकारी जिले में नहीं रहेगा. डीएफओ ने पत्र में लिखा कि विधायक ने मुझे देख लेने की और हटवा देने की भी धमकी दी है.
वहीं, मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, उस दिन जो भी हुआ काफी व्यक्तिगत था. इस बारे में उन्होंने अपने विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है. इसके अलावा इस मामले में कुछ भी नहीं कहना चाहती है.
विधायक ने आरोपों को नकारा
मामले में लोकल 18 ने विधायक अनुभा मुंजारे से बातचीत की. उन्होंने कहा, अधिकारी कहीं मानसिक दिवालियापन की शिकार तो नहीं हो गईं. उनके पति अधर गुप्ता को बचाने के लिए ये सब कर रही हैं. मैंने डीएफओ पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी. उन्हें बचा लिया गया और छोटे स्तर के कर्मचारियों को निशाना बनाकर जेल में रखा गया. विधायक ने मानहानि का दावा करने की भी बात कही.
अब दो अधिकारी करेंगे मामले की जांच
मध्य प्रदेश शासन के वन मंत्रालय ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय दल गठित किया है. अब टीम एक सप्ताह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट राज्य सरकार को सौपेंगी. बता दें कि इसमें अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक कमलिका मोहन्ता और अंजना सुचिता तिर्की मामले की जांच करेंगी.