बच्चों पर एक साथ तीन-तीन वायरस का अटैक, अस्पतालों में वार्ड फुल

बच्चों पर एक साथ तीन-तीन वायरस का अटैक, अस्पतालों में वार्ड फुल


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MP News: भोपाल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बच्चों की सेहत पर मौसमी बीमारियों और वायरस संकट मंडरा रहा है. बच्चों को एक साथ तीन-तीन वायरस का अटैक हो रहा है. एक हफ्ते में 6500 से ज्यादा बच्चे वायरल संक्रमण के शि…और पढ़ें

बच्चों पर एक साथ तीन-तीन वायरस का अटैक, अस्पतालों में वार्ड फुलसभी अस्पतालों को SOP जारी.
भोपाल. राजधानी भोपाल सहित प्रदेशभर में बच्चों की सेहत पर मौसमी बीमारियों और वायरस संकट मंडरा रहा है. बीते एक हफ्ते में 6500 से ज्यादा बच्चे वायरल संक्रमण के शिकार होकर अस्पतालों में भर्ती हुए है. डॉक्टरों के मुताबिक इस बार की बीमारी सामान्य बुखार या मौसमी वायरल नहीं है, बल्कि बच्चों को एक साथ तीन-तीन वायरस का अटैक हो रहा है. यही कारण है कि 15 साल तक के बच्चे बड़ी संख्या में बीमार पड़ रहे हैं और अस्पतालों के शिशु वार्ड भरे हुई हैं.

बच्चों पर इस समय 3 प्रमुख वायरस का असर देखा जा रहा है. भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने बताया कि हर साल इस सीजन में संक्रमण बढ़ता है. इससे कई बच्चे प्रभावित होते हैं. हमने सभी अस्पतालों को ऐसओपी जारी कर दी है. अस्पतालों में बच्चा वार्ड में भी विशेष इंतजाम किए गए हैं. किसी को घबराने की जरूरत नहीं है.

इन वायरसों ने बढ़ाई मुसीबत

  • रेस्पिरेट्री सिंसीशियल वायरस (RSV) – यह वायरस बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित करता है, जिससे तेज खांसी, सांस लेने में दिक्कत और बुखार की समस्या बढ़ जाती है
  • इन्फ्लुएंजा वायरस – इससे तेज बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द के लक्षण दिखते हैं
  • एडेनो वायरस – यह बच्चों को गले में संक्रमण, आंखों में लालिमा और डायरिया जैसी दिक्कतें देता है

रिकवरी में लग रहा ज्यादा वक्त

इन तीनों वायरस का एक साथ असर होने से बच्चे कमजोर हो रहे हैं और ठीक होने में समय लग रहा है. शहर के जेपी अस्पताल और हमीदिया अस्पताल के शिशु वार्डों में हालात यह हैं कि अधिकांश बेड मरीजों से भर गए हैं. अकेले हमीदिया में 217 बच्चे भर्ती हैं, वहीं जेपी अस्पताल में प्रतिदिन 100 से ज्यादा संक्रमित बच्चों का इलाज हो रहा है.

फौरन करें डॉक्टर से संपर्क

डॉक्टरों का कहना है कि माता-पिता को लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. बुखार या सांस की तकलीफ दिखते ही तुरंत इलाज कराना जरूरी है. फिलहाल बच्चों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर ले जाने से बचना चाहिए. बच्चों में बुखार, खांसी, जुकाम, सिरदर्द और शरीर में दर्द के साथ कमजोरी जैसे लक्षण दिख रहे हैं. कुछ बच्चों में डेंगू जैसे लक्षण भी सामने आए हैं. घर पर साफ-सफाई रखने, बच्चों को तरल पदार्थ अधिक पिलाने और डॉक्टर की सलाह पर ही दवाएं देने की अपील की है.

Preeti George

Preeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various …और पढ़ें

Preeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various … और पढ़ें

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