दिल्ली में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो शारिक मछली के साथी के बारे में पुलिस को जानकारी देते हुए।
हिन्दू युवतियों के धर्मांतरण और दुष्कर्म के आरोपी शारिक मछली ने अपने खिलाफ चल रही को जांच रोकने के राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो को साधने की कोशिश की है। इसके लिए शारिक ने अपने साथ काम करने वाले प्रॉपर्टी कारोबारी का इस्तेमाल कि
.
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो।
राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने खुद इसकी जानकारी शेयर की है। एक्स पर पोस्ट के जरिये कानूनगो ने लिखा है कि मेरे दिल्ली शासकीय आवास पर जैनेंद्र पाठक नामक एक व्यक्ति स्वयं को मध्यप्रदेश का निवासी बता कर मुलाकात के लिए आया। मुझसे मिलकर बोला कि वह भोपाल वाले शारिक मछली के साथ प्रॉपर्टी का धंधा करता है व उसकी तरफ से आया है। उसका बहुत नुकसान हो गया है उसको छोड़ दीजिए।” मैंने उसको डांट कर भगा दिया। वह अपने साथ लाई मिठाई देना चाह रहा था जो कि वह जाते वक्त घर के दरवाजे पर छोड़कर भाग गया। हमने पुलिस को शिकायत कर दी है और पुलिस जब्ती कर सामान ले गई है।
कानूनगो ने लिखा है कि शारिक के विरुद्ध हिंदू लड़कियों को ड्रग देने, बलात्कार करने, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और इस्लाम में धर्मांतरित करने के मामले के अलावा वंचित तबके के हिंदू केवट, मांझी जाति के लोगों के वंशानुगत अधिकार वाले तालाबों पर मत्स्याखेट के लिए कब्जे किए जाने के मामले में मेरे निर्देश पर जांच की जा रही है। इसलिए उसके द्वारा इस तरह का कृत्य करने का साहस किया गया है। कानूनगो ने कहा है कि इन सभी मामलों की जांच पूरी सख्ती और सत्यनिष्ठा से की जाएगी।
