रायसेन जिले में 2 दिन लगातार हुई बारिश से जिले के नदी नाले उफान पर है। हलाली डैम में पानी का स्तर बढ़ने के कारण आज सुबह 11 बजे दो गेट खोले गए। प्रशासन ने गेट आधा मीटर तक खोलकर लगभग 2,700 क्यूसेक पानी छोड़ा।
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डैम की कुल क्षमता 452 एमसीएम है, जो अब लगभग पूरी तरह भर चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार इस बरसात के मौसम में पहली बार डैम के गेट खोलने की नौबत आई है।
सम्राट अशोक सागर संभाग क्रमांक 2 विदिशा के कार्यपालन यंत्री राजकुमार पंडोले ने सुरक्षा को देखते हुए चेतावनी जारी की है। उन्होंने लोगों से हलाली नदी, बेस नदी और बेतवा नदी के तटीय क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। पानी का बहाव अचानक बढ़ने से हादसे की आशंका बनी रहती है।
सिंचाई के लिए प्रमुख स्त्रोत है हलाली डैम हलाली डैम रायसेन जिले की सिंचाई जरूरतों का प्रमुख स्रोत है। यह विदिशा और आसपास के इलाकों के लिए भी जीवन रेखा की भूमिका निभाता है। डैम के गेट खोले जाने के बाद 80 फीट की ऊंचाई से गिरता दूधिया पानी को देखने बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं।