इस ग्रास को मुंह भी नहीं लगाते जानवर, लेकिन इंसानों के लिए औषधि, एक बार लगाओ 5 साल तक मुनाफा कमाओ!

इस ग्रास को मुंह भी नहीं लगाते जानवर, लेकिन इंसानों के लिए औषधि, एक बार लगाओ 5 साल तक मुनाफा कमाओ!


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Lemongrass Health Benefits: लेमनग्रास एक ऐसी घास है जिसे जानवर खाना पसंद नहीं करते लेकिन इंसानों की कई बीमारी का ये काल है. आइए जानते हैं इसकी खेती के फायदे.

शिवांक द्विवेदी, सतना: किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर ऐसी फसलों की ओर बढ़ रहे हैं जो कम लागत में ज्यादा मुनाफ़ा दिला सकें. लेमन ग्रास खेती इसी का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरी है. यह न सिर्फ घरेलू इस्तेमाल में काम आती है बल्कि दवा, कॉस्मेटिक और तेल उद्योग में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है. यही वजह है कि मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों के किसान आज इसे एक मज़बूत बिज़नेस मॉडल मान रहे हैं.

कहीं भी उगाई जा सकती है लेमन ग्रास
लोकल 18 से बातचीत में आरएचईओ मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि लेमन ग्रास बिल्कुल साधारण घास की तरह ही है जिसे बंजर और रेतीली ज़मीन पर भी आसानी से उगाया जा सकता है. अगर आपके पास अतिरिक्त खेत नहीं है तो इसे खेतों की मेड़ों पर या घर के पीछे भी लगाया जा सकता है. खास बात यह है कि इसे न तो गाय खाती है और न ही अन्य जानवर जिससे किसानों को मवेशियों से होने वाले नुकसान की चिंता नहीं रहती.

5 से 6 साल तक देता है उत्पादन
लेमन ग्रास की खेती एक बार करने पर 5 से 6 साल तक लाभ देती है. इसकी पहली हार्वेस्टिंग 3 से 5 महीने बाद हो जाती है और साल में 2 से 3 बार कटाई संभव होती है. कटाई के दौरान पौधे के निचले हिस्से को 10–15 सेंटीमीटर छोड़कर ऊपर का भाग काटा जाता है. जिसके बाद ये घास का पौधा वहीं से उग जाता है. शुरुआत के सालों में सामान्य उत्पादन मिलता है लेकिन दूसरे साल से उत्पादन दोगुना हो जाता है और लगातार पाँच साल तक बढ़ता ही जाता है.

बोनी और दूरी का रखे ध्यान
खेती के लिए 60–90 सेंटीमीटर रो-टू-रो दूरी और 30–35 सेंटीमीटर प्लांट-टू-प्लांट दूरी आदर्श मानी जाती है. इसे 10–15 सेंटीमीटर गहराई में बोया जाता है. किसान इसमें जड़ों यानी स्लिप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं या फिर बीज से भी इसकी बुवाई की जा सकती है. खास बात यह है कि इस फसल में किसी तरह की कीटनाशक या रसायन की जरूरत नहीं होती जिससे इसकी लागत बहुत कम आती है.

लागत और मुनाफ़े का गणित
लेमन ग्रास की खेती शुरू करने के लिए लगभग 30 से 40 हज़ार रुपये का खर्च आता है. वहीं सालाना मुनाफ़ा 1 से 2 लाख रुपये तक आसानी से हो सकता है. इसका मुख्य उपयोग आयल निकालने में किया जाता है और बाजार में लेमन ग्रास ऑयल की कीमत 1200 से 2500 रुपये प्रति लीटर तक होती है. यही कारण है कि यह किसानों के लिए एक मुनाफ़े का सौदा साबित हो रहा है.

कई उद्योगों में बढ़ी मांग
लेमन ग्रास का उपयोग सिर्फ तेल उत्पादन तक सीमित नहीं है. इसका इस्तेमाल साबुन, इत्र, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक, हर्बल आदि उत्पादों के निर्माण में भी किया जाता है. इसके अलावा यह एक बेहतरीन इन्सेक्ट रिपेलेंट है जिसकी वजह से पौधे के आसपास मच्छर और कीड़े नहीं टिकते.

औषधीय गुणों से भरपूर
लेमन ग्रास चाय के रूप में भी खूब इस्तेमाल होती है और इसके औषधीय गुण लंबे समय से पहचाने जाते रहे हैं. यह पाचन क्रिया सुधारने, एंजाइटी कम करने मुंह के छाले जैसी ढेरों समस्याओं में रामबाण मानी जाती है.
लेमन ग्रास खेती किसानों के लिए कम जोखिम और अधिक मुनाफ़े वाला मॉडल बनकर उभरी है. कम लागत, लंबे समय तक उत्पादन और बाज़ार में लगातार बढ़ती मांग इसे खेती के क्षेत्र में एक नए अवसर के रूप में प्रस्तुत करती है.

shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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इस ग्रास को मुंह भी नहीं लगाते जानवर, लेकिन इंसानों के लिए औषधि!



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