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Jabalpur News: जबलपुर के एल्गिन अस्पताल में 34 वर्षीय शुभांगी ने 5.2 किलो वजन के बच्चे को सिजेरियन पद्धति से जन्म दिया. यह अत्यंत दुर्लभ मामला है, क्योंकि सामान्य नवजात का वजन 2.8 से 3.2 किलो होता है.
मध्यप्रदेश के जबलपुर में अजब-गजब का मामला सामने आया है, जहां जबलपुर के एल्गिन अस्पताल में 5.2 किलोग्राम के बच्चे ने जन्म लिया, जहां बच्चे को देखकर डॉक्टर खुशी के मारे झूम उठे.

दरअसल रांझी, मस्ताना चौक निवासी 34 वर्षीय शुभांगी को प्रसव पीड़ा थी, जिन्हें रानी दुर्गावती एल्गिन अस्पताल में एडमिट कराया गया था, जहां उन्होंने सिजेरियन पद्धति से लड़के को जन्म दिया.

जन्म के बाद डॉक्टर उस वक्त हैरान रह गए, जब बच्चे का वजन देखा, जब बच्चे का वजन नापा गया. तब बच्चा 5.2 किलोग्राम का था, फिर क्या था हॉस्पिटल में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और डॉक्टर ने बच्चें को गोद में लेकर सेल्फी मिली.

डॉ. अंकिता पांडे ने बताया आमतौर पर एक पूर्ण अवधि वाले नवजात लड़के का सामान्य वजन 2.8 से लेकर 3.2 किलोग्राम के बीच होता है, जबकि नवजात लड़की का वजन 2.7 से लेकर 3.01 किलोग्राम तक हो सकता है, लेकिन 5 किलो से अधिक वजन के बच्चे का जन्म होना दुर्लभ मामला है.

उन्होंने बताया ऐसे मामले हजारों में एक होते हैं. लिहाजा सिजेरियन पद्धति से ऑपरेशन हुआ, जहां जन्म के बाद शिशु का वजन 5.2 किलोग्राम था. प्रसव कराने वाली डॉ. भावना मिश्रा बताया इतने अधिक वजन के बच्चे का प्रसव उन्होंने पहली बार कराया.

हालांकि इसके पीछे का कारण डॉक्टर ने बताया कि प्रेगनेंसी के दौरान अच्छी डाइट हो सकती है, इतना ही नहीं जेनेटिक कारण होने के चलते भी इतने अधिक वजन के बच्चे जन्म लेते हैं.

बहरहाल इस तरह के मामलों में सिजेरियन प्रसव जटिल होते हैं. सिजेरियन प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा दोनों ही पूरे तरह से स्वस्थ हैं. सर्जरी के बाद अस्पताल की अधीक्षक डॉ नीता पाराशर ने डॉक्टर की टीम सहित पीजी स्टूडेंट्स और ओटी स्टाफ की सराहना की.