हरदा में गुरुवार को मैहर और कटनी जिले के करीब 20 मजदूर अपने छोटे बच्चों और घरेलू सामान के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। मजदूरों ने आरोप लगाया कि रेलवे का काम कराने वाले ठेकेदार ने उन्हें मजदूरी नहीं दी और धमकाकर भगा दिया।
.
मजदूर वृंदावन ने बताया कि वे मैहर और कटनी जिले के करौंदी गांव (पानउमरिया तहसील) के रहने वाले हैं। उन्हें धमेंद्र चौधरी नामक व्यक्ति खिरकिया तहसील में रेलवे का काम कराने लाया। यहां गाडरवारा निवासी ठेकेदार तारासिंह ने पिलर के गड्ढे और कंक्रीट का काम सौंपा।
इतना काम, पर मजदूरी नहीं
कंक्रीट का काम : 12 दिन किया, 500 रुपए रोज तय हुए थे। गड्ढे खोदना : 80 गड्ढे खोदे, 800 रुपए प्रति गड्ढा रेट था। अन्य काम : सीमेंट की बोरियां और सरिए ट्रॉली से 4-5 बार ढोए।मजदूरों ने बताया कि अब तक उन्हें सिर्फ 15 हजार रुपए खाने-पीने के लिए दिए गए। ठेकेदार से लगभग 1.78 लाख रुपए मजदूरी बनती है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे मजदूरों की बात एसडीएम अशोक डेहरिया और खिरकिया एसडीएम शिवांगी बघेल ने सुनी। एसडीएम बघेल ने ठेकेदार को फोन कर तुरंत भुगतान करने के निर्देश दिए।
मजदूरों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था एक मीडियाकर्मी और समाजसेवियों ने की। यहां गिरजाशंकर राजपूत ने खाना भिजवाया। वहीं शिवम पटेल ने बच्चों के लिए पूरी-सब्जी की व्यवस्था कराई।फिलहाल मजदूर परिवारों को रैनबसेरा में ठहराया गया है।