7 से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा।
दिल्ली के छतरपुर स्थित मां कात्यायनी मंदिर में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने चार राज्यों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह यात्रा राजनीतिक नहीं, आध्यात्मिक है।
.
बागेश्वर महाराज ने कहा कि उनकी लड़ाई विचारों से है, तलवारों से नहीं। वे जाति अभिमान छोड़ने की बात कर रहे हैं, जाति छोड़ने की नहीं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को मिर्च लगे तो लग जाए मंदिर मस्जिद और गिरजाघर में राष्ट्रगान बजाया जाए भले ही सप्ताह में एक दिन बजाया जाए ताकि देशभक्त और देशद्रोही सामने आए
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश के कार्यकर्ता होंगे शामिल यह पदयात्रा 7 से 16 नवंबर 2025 तक दिल्ली से वृंदावन धाम तक निकाली जाएगी। इसमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्यप्रदेश के कार्यकर्ता शामिल होंगे। यात्रा का पूरा खर्च बागेश्वर धाम जन सेवा समिति उठाएगी।
दिल्ली में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री
गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करवाने का संकल्प यात्रा के प्रमुख संकल्पों में सामाजिक समरसता, यमुना की स्वच्छता, ब्रजधाम को मांस-मदिरा मुक्त बनाना और गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करना शामिल है। साथ ही पुराने वृंदावन का संरक्षण, श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है।
प्रचार के लिए पीले चावल बांटने को कहा पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कार्यकर्ताओं से इन संकल्पों को घर-घर तक पहुंचाने और प्रचार के लिए पीले चावल बांटने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति यात्रा के लिए धन मांगे तो इसकी सूचना सीधे बागेश्वर धाम कार्यालय को दी जाए।