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Sagar News: महेंद्र सिंह लोधी ने लोकल 18 को बताया कि जब वह 18 साल पहले इस कैंपस में आए थे, तो यह एक वीरान और चट्टानी पहाड़ी पर था. गर्मियों के दिनों में यहां बुरा हाल हो जाता था लेकिन उन्होंने 18 साल की कड़ी मे…और पढ़ें
वह स्मार्ट क्लास में डिजिटल बोर्ड का इस्तेमाल करते हैं. उन्होंने बताया कि जब वह 18 साल पहले इस कैंपस में आए थे, तो यह एक वीरान और चट्टानी पहाड़ी पर स्थित था. गर्मियों के दिनों में यहां पर बुरा हाल हो जाता था लेकिन उन्होंने 18 साल की कड़ी मेहनत और संघर्ष करके इस पूरे कैंपस को हरा-भरा बना दिया. आज यहां पर 5000 से ज्यादा पौधे विपरीत परिस्थितियों में खड़े हुए हैं और यहां का वातावरण एकदम शांत और सुकून देने वाला हो गया है.
राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिए चयनित हुए महेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़ जिले के छोटे से गांव बडेरा में मध्यम वर्गीय परिवार से आते हैं. उनकी पांचवीं तक की पढ़ाई इसी गांव में हुई है. इसके बाद 12वीं तक पढ़ाई खरगापुर में और फिर कॉलेज की पढ़ाई सागर यूनिवर्सिटी से हुई है. महेंद्र सिंह ने अब तक 7 डिग्री और तीन डिप्लोमा किए हैं. उनकी दो डिग्री अधूरी रह गईं. गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर देने वाले शिक्षक महेंद्र लोधी को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार मिलने से पहले उन्हें राज्य स्तरीय बिनय उजाला नेशन बिल्डर अवॉर्ड 2024, राज्य स्तरीय गीजूभाई शिक्षक सम्मान 2024, जिला स्तरीय शिक्षक सम्मान सहित कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है.
महेंद्र लोधी द्वारा किए गए नवाचार
विद्यार्थियों को क्लास में रोटेशन क्रम में बिठाया जाता है, जिससे छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है और संकोच-दब्बूपन दूर होता है. वह गतिविधि आधारित शिक्षा पर जोर देते हैं. इसके लिए छात्रों को प्रोजेक्ट, चित्र चार्ट, घर और छात्रावास में पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं से मॉडल बनाने पर जोर दिया जाता है. विद्यार्थियों को साथी शिक्षक की भूमिका निभाने का अवसर दिया जाता है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और नेतृत्व की क्षमता विकसित होती है. वह शैक्षणिक भ्रमण पर भी जोर देते हैं, जिससे बच्चों में मनोरंजन के साथ उस स्थल को समझने और सीखने की जिज्ञासा पैदा होती है. उनके द्वारा छात्रों को मेडिकल कॉलेज, उन्नत कृषि फार्म, आरटीओ ऑफिस, राजघाट बांध और जल शुद्धिकरण संयंत्र, इंजीनियरिंग कॉलेज समेत कई जगहों का भ्रमण कराया जा चुका है.
हमेशा रंगीन चौक का उपयोग
विषय वस्तु को रोचक और जीवविज्ञान के चित्र आकर्षक बनाने के लिए बोर्ड पर हमेशा रंगीन चौक का उपयोग किया जाता है. उनके द्वारा मॉडल, टीएलएम के माध्यम से अध्यापन कार्य किया जाता है. शिक्षक महेंद्र लोधी अपने विद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, प्रवेश परीक्षा, आईटी लैब, स्मार्ट क्लास, योग क्लब और विद्यालय पत्रिका के भी प्रभारी हैं, जिन दायित्वों का वह बखूबी निर्वहन कर रहे हैं.