मुरैना में चंबल नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार दोपहर नदी का स्तर 133 मीटर तक पहुंच गया, जबकि खतरे का निशान 138 मीटर है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन निचले इलाकों के 20 गांवों में अलर्ट जारी किया है और रेस्क्यू टीम को तैयार र
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चंबल नदी का जल स्तर बढ़ने की मुख्य वजह लगातार हो रही बारिश है। इसके अलावा काली सिंध नदी पर बने नौनेरा बैराज से 1 लाख 90 हजार क्यूसेक और कोटा बैराज से 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। साथ ही पार्वती नदी का पानी भी चंबल में मिलने से स्थिति गंभीर हो रही है। अनुमान है कि रात 12 बजे तक नदी का स्तर 135 मीटर तक पहुंच सकता है।
इन गांवों में अलर्ट
- सबलगढ़ क्षेत्र: कैमरा कला, छोटी राड़ी, बड़ी राड़ी, गौदौली धूर, रेजापुर, मड़ुआ, करघटी, मदनू का पुरा, वंशीपुरा, बलदेवपुरा।
- अंबाह क्षेत्र: बेलापुर घेर, कुठियाना, रामप्रकाश का पुरा, रतन बसेर, चुसलाई, रामगढ़, सुखध्यान का पुरा, इंद्रजीत का पुरा, सुबसई, बिचपुरी, मदनल का पुरा, रामदेव का पुरा, रायपुर, दीवान सिंह का पुरा, बिहार का पुरा।
चुसलाई गांव से परिवार का रेस्क्यू चुसलाई गांव का संपर्क मार्ग चंबल के पानी से कट गया। इसी गांव के मनोज जाटव और अनीता जाटव का बेटा अंबाह में रहकर पढ़ाई करता है। गुरुवार को खेलते समय वह घायल हो गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। जानकारी मिलने पर माता-पिता उससे मिलने के लिए परेशान हो गए। लेकिन पानी बढ़ने से गांव से निकल नहीं पा रहे थे।
मनोज ने एसडीएम अंबाह रामनिवास सिकरवार को फोन कर मदद मांगी। तुरंत कार्रवाई करते हुए एनडीआरएफ की टीम ने शाम 4:30 बजे मनोज और उनके परिजनों को रेस्क्यू कर अंबाह पहुंचाया।