भोपाल में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिलों को लेकर लगातार विरोध हो रहा है।
मेरा 2 कमरे का छोटा सा मकान है…। इस छोटे से घर में मेरी मां रहती हैं। पूरे घर में सिर्फ 1 पंखा और 2 बल्ब ही लगे हैं। फिर भी अगस्त का बिजली बिल 2150 रुपए आया। मार्च से पहले 150 से 200 रुपए प्रतिमाह बिल आता था, लेकिन जब से स्मार्ट मीटर लगा है, तब से
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बिल नहीं भरने पर घर की लाइट काटने की धमकी दी जाती है। इसलिए शुरुआत में मां ने जेवर गिरवी रखकर बिल भर दिया, लेकिन अब नहीं भर पा रही हैं…
यह कहना है भोपाल के बरखेड़ी इलाके में रहने वाली प्रियंका का। उन्होंने बताया कि दो कमरे के छोटे से घर में उनकी मां अर्चना धुर्वे रहती हैं। इस मंहगाई में मां जैसे तैसे घर का बिल भर रही थी। लेकिन जब अगस्त महीने का बिजली बिल मिला तो वह देखकर चौंक गईं। बिजली कंपनी ने जो बिल दिया, वह 2149.83 रुपए का था। बुजुर्ग अर्चना अकेली नहीं, बल्कि भोपाल के बरखेड़ा, जहांगीराबाद और कुम्हारपुरा में कई उपभोक्ताओं की मुश्किलें बिजली बिलों ने बढ़ा रखी है।
6 लाख घरों के मीटर बदले जाएंगे
दरअसल, भोपाल में बिजली कंपनी पुराने मीटर की जगह 2.10 लाख नए स्मार्ट मीटर लगा चुकी है। कुल 6 लाख कंज्यूमर के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर को लेकर विरोध गहराता जा रहा है। न सिर्फ कांग्रेस बल्कि बीजेपी विधायक भी नाराज हैं। वहीं, आम लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। हालांकि, लगातार विरोध के बाद कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने के काम को फिलहाल बंद कर रखा है।
दैनिक भास्कर की टीम रियलिटी जानने के लिए भोपाल के कुछ इलाकों में पहुंची और जाना कि स्मार्ट मीटर को लेकर क्या दिक्कतें हैं? साथ ही बढ़ते बिलों को लेकर अफसरों का क्या तर्क है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट…!
भोपाल में अब तक 2 लाख 10 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। कुल 6 लाख मीटर लगाए जाने हैं।
वे 5 केस जहां बढ़े बिलों से लोग परेशान
केस- 1: बरखेड़ी की प्रियंका ने बताया कि 2 कमरे के छोटे से मकान में मां अर्चना धुर्वे रहती हैं। इनमें दो बल्ब, 1 पंखा लगा है। जिसका अगस्त का बिल 2150 रुपए आया है। मार्च से पहले 150 से 200 रुपए प्रतिमाह बिल आता था, लेकिन जब से स्मार्ट मीटर लगा है, तब से 10 गुना तक बिल बढ़ गया है, जबकि खपत पहले जितनी ही है। बिल नहीं भरने पर घर की लाइट काटने की धमकी दी जाती है। इसलिए शुरुआत में मां ने जेवर गिरवी रखकर बिल भर दिया, लेकिन अब नहीं भर पा रही हैं।

बरखेड़ी की प्रियंका ने कहा कि मां ने जेवर गिरवी रख बिजली बिल के भरे।
केस- 2: इसी इलाके में रहने वाले सेवाराम बाथम ने बताया, वे कच्चे मकान में रहते हैं। पहले 1000-1200 रुपए का बिल ही आता था। अब 2000 से 2200 रुपए प्रति माह बिल आ रहा है। बिल दोगुना हो गया है।

इसी कच्चे मकान में सेवाराम बाथम रहते हैं।
केस- 3: ताराबाई यादव ने बताया, पुराना मीटर लगा था, तब 200 से 250 रुपए बिल आता था। सर्दियों में 100 रुपए से कम ही आता था। अब हद से ज्यादा बिल आ रहा है। इस महीने ही 5 हजार रुपए का बिल मिला है। घर में सिर्फ सीएफएल बल्ब, पंखा और टीवी है। कूलर और फ्रीज नहीं है।
केस- 4: गीताबाई ने बताया, अगस्त महीने का बिजली बिल 3300 रुपए से ज्यादा आया है। इतना तो गर्मी में भी नहीं आता था। हर महीने बिल में खपत बढ़कर आ रही है।

मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बिल बतातीं गीताबाई।
केस- 5: बरखेड़ी की ही मसूदा बानो ने बताया, पहले 700 से डेढ़ हजार रुपए तक ही बिल आता था, लेकिन अब 17 से 20 हजार रुपए का बिल आ रहा है। हर 20 दिन में बिल आ जाता है। अब बिजली कंपनी ने 17 हजार 769 रुपए का एक नोटिस दे दिया। कंपनी का कहना है कि लोड ज्यादा है। अब कोर्ट में आना पड़ेगा।
अफसरों का तर्क- नए मीटर से बिजली चोरी नहीं हो रही डिप्टी चीफ इंजीनियर परिहार का कहना है कि सीजन के हिसाब से बिजली की खपत बढ़ती-घटती है। गर्मी में दो से ढाई गुना तक खपत हो जाती है। वहीं, सर्दी में घट जाती है। इसलिए खपत से आकलन नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पुराने मीटर में बिजली की चोरी हो रही थी। नए मीटर में चोरी कर नहीं पा रहे। इसलिए खपत ज्यादा आ रही है। दूसरी ओर, दो-तीन महीने में एडिशनल सिक्योरिटी डिपॉजिट ली जाती है, जो जुलाई, अगस्त और सितंबर में किश्तें लगती हैं। यह उपभोक्ता का ही पैसा होता है। इसका ब्याज बिल में कम होता है। वहीं, जब कनेक्शन कटवा देते हैं, तब पूरी राशि दे दी जाती है।
बता दें कि अगस्त में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार विरोध होने के बाद बिजली कंपनी ने एक दिन का सेमिनार किया था। जिसमें अफसरों ने स्मार्ट मीटर को क्लीन चीट देते हुए तर्क किया था कि कुछ उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनके यहां पुराने मीटर में गड़बड़ हुई थी। उनकी अब सही रीडिंग आ रही हैं। इस दायरे में सभी उपभोक्ता नहीं है।

12 अगस्त को बिजली कंपनी के अफसरों ने स्मार्ट मीटर को लेकर सेमिनार किया था। जिसमें स्मार्ट मीटर को क्लीन चीट दी गई थी।
बढ़े बिलों को लेकर विरोध प्रदर्शन…दो महीने में 9 प्रदर्शन राजधानी में बिजली के स्मार्ट मीटर को लेकर लोगों का गुस्सा बढ़ रहा है। हर रोज बढ़े बिलों की ढेरों शिकायतें आ रही हैं। इसके विरोध में पिछले दो महीने में ही 9 बार प्रदर्शन हो चुके हैं। कांग्रेसियों के साथ लोग गोविंदपुरा बिजली ऑफिस का घेराव भी कर चुके हैं। कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला का कहना है कि बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर के जरिए आम व्यक्ति की जेब पर डाका डालने का नया तरीका निकाला है।
मध्यप्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन के भोपाल प्रभारी मुदित भटनागर का कहना है कि भोपाल में बिजली कंपनी प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगा रही है। जिसका पहले से विरोध कर रहे हैं, क्योंकि ये मीटर बिजली के दाम में और ज्यादा वृद्धि कर रहे हैं। जिनका बिल पहले 250-300 रुपए आता था, अभी वह 2500 से लेकर 4-5 हजार रुपए तक आ रहा है। बरखेड़ी, जहांगीराबाद, अर्जुन नगर, बड़ा चंबल, ऐशबाग, भानपुर, लालघाटी, कुम्हारपुरा समेत पुराने शहर में शिकायतें ज्यादा हैं।

भोपाल में बढ़े बिलों को लेकर प्रदर्शन करते कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला।
विधायक के कहने पर लगाए चेक मीटर इधर, विरोध के बाद उत्तर विधायक आतिफ अकील के कहने पर बिजली कंपनी ने नादरा बस स्टैंड इलाके में लोगों के घरों में चेक मीटर भी लगाए। डिप्टी चीफ इंजीनियर बीबीएस परिहार ने बताया कि चेक मीटर में कोई गड़बड़ी नहीं मिली। यानी, उपभोक्ता के यहां जितनी खपत थी, उतना ही बिल दिया गया। इसकी रिपोर्ट भी विधायक को पूरी डिटेल के साथ दी गई है।

पिछले सप्ताह भोपाल में बिजली कंपनी के दफ्तर का घेराव हो चुका है।
बीजेपी विधायक भी जता चुके विरोध स्मार्ट मीटर को लेकर भोपाल ही नहीं, प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं। लोगों की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं। इससे बिजली का बिल भी ज्यादा आ रहा है। इस संबंध में दैनिक भास्कर ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के विधायकों से स्मार्ट मीटर को लेकर उनकी राय जानी थी।
बीजेपी के 13 और कांग्रेस के 5 विधायक यानी कुल 18 विधायकों में से 8 विधायकों ने कहा कि स्मार्ट मीटर से जनता परेशान हैं। उन्होंने कहा कि जनता परेशान हैं, लेकिन जहां परेशानी आ रही है, उसे दूर भी किया जा रहा है।

बरखेड़ी की मसूदा बानो को बिजली कंपनी ने 17 हजार 769 रुपए का एक नोटिस दिया है।
अब स्मार्ट मीटर के बारे में जानिए
भोपाल में 6 लाख मीटर लगेंगे, 16 जिलों में 41 लाख से ज्यादा
- मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी भोपाल के अंतर्गत 16 जिलों में कुल 41 लाख 35 हजार 791 स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इनमें भोपाल, सीहोर, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर शामिल हैं।
- भोपाल शहर में अल्फनार पॉवर प्राइवेट लिमिटेड को 2 लाख 34 हजार 530 एवं अपरावा भोपाल स्मार्ट प्राइवेट लिमिटेड को 3 लाख 62 हजार 425 स्मार्ट मीटर लगाने का एग्रीमेंट कंपनी ने किया है।
- भोपाल में सितंबर-24 से पुराने मीटरों के स्थान पर स्मार्ट मीटर लग रहे हैं। अब तक 2 लाख 10 हजार मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से साढ़े 7 हजार उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर की सीरीज में चेक मीटर के रूप में सामान्य डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए गए हैं। इनमें से किसी के यहां भी खपत में कोई अंतर नहीं आया है।
- स्मार्ट मीटर के संबंध में मिली लगभग 650 शिकायतों में से एक भी सही नहीं पाई गई।
- अफसरों का तर्क है कि सामान्य इलेक्ट्रॉनिक मीटर एवं स्मार्ट मीटर में बिजली खपत दर्ज करने का तरीका समान है, लेकिन स्मार्ट मीटर में एडवांस फिचर होने के कारण रिमोटली रीडिंग ली जा रही है। जिसमें मानवीय गलती होना संभव नहीं है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर विधानसभा के मानसून सत्र में भी सवाल पूछा गया था।
मध्यप्रदेश में इन दिनों स्मार्ट मीटर को लेकर जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोगों की शिकायत है कि स्मार्ट मीटर तेज चल रहे हैं, इससे बिजली का बिल भी ज्यादा आ रहा है। दैनिक भास्कर ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान बीजेपी और कांग्रेस के विधायकों से स्मार्ट मीटर को लेकर उनकी राय जानी। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से भी बात की। पढ़ें पूरी खबर…