मेडिकल की पढ़ाई का सपना देख रहे प्रदेश के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। इस बार नीट यूजी काउंसिलिंग के दूसरे राउंड में प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में कुल 475 सीटें बढ़ाई गई हैं। यह पहली बार है जब दूसरे चरण में इतनी बड़ी संख्या में सीटें
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केंद्र सरकार ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर में 25 और छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में 50 सीटों की मान्यता दी है। वहीं, श्योपुर और सिंगरौली के नए सरकारी मेडिकल कॉलेजों को 100-100 सीटों की मंजूरी मिल गई है। इस तरह कुल 275 सीटें सरकारी कॉलेजों में बढ़ीं। इन सीटों में से 15 फीसदी ऑल इंडिया कोटे में जाएंगी, जबकि शेष 233 सीटें राज्य स्तरीय काउंसिलिंग कमेटी के पास रहेंगी।
सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद इंदौर स्थित इंडेक्स मेडिकल कॉलेज की मान्यता बहाल हो गई है। इससे कॉलेज की 200 सीटें दूसरे चरण में छात्रों के लिए उपलब्ध होंगी।
दूसरे चरण में 904 सीटों पर मौका पहले राउंड में करीब 471 सीटें खाली रह गई थीं। इन्हें मिलाकर अब छात्रों को दूसरे चरण की काउंसिलिंग में लगभग 904 सीटों पर प्रवेश का अवसर मिलेगा। गौरतलब है कि प्रदेश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की कुल 2488 सीटें थीं। नए समावेश के बाद यह संख्या बढ़कर 2763 हो गई है।
कट-ऑफ में बड़ी गिरावट इस बार कट-ऑफ में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सामान्य वर्ग की अंतिम सीट 452 अंकों पर बंद हुई, जबकि पिछले साल यह 621 अंक थी। गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में ओबीसी वर्ग की कट-ऑफ 546 से घटकर 536 अंक और ईडब्ल्यूएस वर्ग की 543 से 531 अंक तक दर्ज की गई। इसका मतलब है कि कम रैंक वाले छात्रों को भी सरकारी कॉलेज का मौका मिलेगा।
आगे और बढ़ेंगी सीटें चिकित्सा शिक्षा संचालनालय से मिली जानकारी के अनुसार, अगले सत्र से दतिया, खंडवा और शिवपुरी में 50-50 सीटें और जोड़ने की योजना है। इसके अलावा बुदनी, मंडला और राजगढ़ में नए मेडिकल कॉलेजों के लिए 300 सीटें और बढ़ाने की तैयारी चल रही है।