लोगों को रियल टाइम सूचनाएं मिलेंगी
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शहर में लगी सभी गैंट्री अब केवल रास्ता बताने और विज्ञापन के लिए उपयोग नहीं होंगी। इनके माध्यम से अब आम लोगों को जरूरी जानकारी और सूचनाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके लिए नगर निगम इन गैंट्री को डिजिटल करने जा रहा है। इससे जहां लोगों को रियल टाइम सूचनाएं मिलेंगी, वहीं निगम की कमाई में भी इजाफा होगा। निगम इसे पीपीपी मोड पर करने जा रहा है।
यह शहर को बैनर फ्री सिटी करने का पहला कदम है। यह प्रयोग सफल होने पर शहर की अन्य होर्डिंग को भी डिजिटल किया जाएगा। ग्लोबल इनवेस्टर समिट (जीआईएस) के बाद शहर में एक स्मार्ट नेवीगेशन डिवाइस सिस्टम लगाने पर विचार शुरू हुआ था। इसके लिए एक ऐसा मॉडल बनाया गया, जिसमें शहर की जानकारी के साथ निगम कमाई और लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचना उद्देश्य था। अब जो योजना बनी है, उस पर निगम को एक भी पैसा खर्च नहीं करना होगा।
अभी यह सिस्टम है : शहर में 119 गैंट्री हैं। इनमें आधे हिस्से में दिशा सूचक और दूसरी तरफ विज्ञापन रहते हैं। अभी यह फिक्स हैं। इनसे निगम को हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपए की कमाई होती है। विज्ञापन के लिए इस पर होर्डिंग लगाए जाते हैं। राजनीतिक लोगों के पोस्टर बिना अनुमति के ही लग जाते हैं।
अब यह होगा : पीपीपी मोड पर कंपनी इसका संचालन करेगी। इसके लिए एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। गैंट्री की संख्या 119 से बढ़ाकर 150 की जाएंगी। एक-एक पोल की जानकारी ऑनलाइन कंट्रोल रूम में रहेगी। इससे सभी पोल की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। कंपनी से निगम फिक्स चार्ज वसूलेगा। पूरा नियंत्रण निगम का रहेगा। इससे अधिक संख्या में विज्ञापनों का प्रसारण भी संभव हो सकेगा। चूंकि इन पर विज्ञापन डिजिटली चलेंगे, इसलिए कोई भी मनमाने तरीके से होर्डिंग नहीं लगा सकेगा।
लोगों को यह फायदा होगा गैंट्री को डिजिटल किया जाएगा। पूरा सिस्टम पीपीपी मोड पर काम करेगा। इससे सिर्फ रास्तों की जानकारी और विज्ञापन के माध्यम के अलावा शहर से जुड़ी सभी जरूरी सूचनाएं भी लोगों तत्काल पहुंचा सकेंगी। जैसे… शहर के किस हिस्से में ट्रैफिक जाम है, ट्रैफिक डायवर्सन कहां से कहां किया गया। { बारिश के कारण किन इलाकों में जलभराव होने की संभावना, बारिश का अलर्ट आदि। { निगम की जरूरी सूचनाएं जैसे कर जमा करने की अंतिम तारीख और छूट। {जुलूस-धरना की सूचनाएं।
दूसरे फेज में शहर को होर्डिंग फ्री करना ^इससे लोगों को जरूरी सूचनाएं समय पर एक साथ दे पाना संभव होगा। सूचना के सार्वजनिक होने से सभी को इसकी सूचना तत्काल मिल सकेंगी। इसके सफल होने पर हमारा प्लान पूरे शहर को होर्डिंग फ्री करने का है। सभी होर्डिंग को डिजिटल किया जाएगा। – हरेंद्र नारायण, कमिश्नर नगर निगम