वन विभाग ने रोकी आदिवासियों की खेती: सतना के कैमहा में 5 दशक से जमीन पर काबिज 100 परिवारों को हटाने की कोशिश – Satna News

वन विभाग ने रोकी आदिवासियों की खेती:  सतना के कैमहा में 5 दशक से जमीन पर काबिज 100 परिवारों को हटाने की कोशिश – Satna News


सतना के वन परिक्षेत्र बरौंधा के कैमहा गांव में वन विभाग और आदिवासी समुदाय के बीच जमीन विवाद गहरा गया है। वन विभाग ने पांच दशकों से खेती कर रहे जनजातीय परिवारों को इस खरीफ सीजन में खेती करने से रोक दिया।

.

विभाग की टीम ने खेतों में काम कर रहे ग्रामीणों को वहां से भगा दिया। इससे कैमहा और महतैन गांव के लोगों में रोष है। कैमहा वन बीट में लगभग 300 हेक्टेयर भूमि पर जनजातीय परिवारों सहित अन्य लोगों का कब्जा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग सिर्फ आदिवासी समुदाय को खेती से रोक रहा है। अन्य लोग अभी भी उसी जमीन पर खेती कर रहे हैं। प्लांटेशन के नाम पर गरीब परिवारों को हटाया जा रहा है।

महिला ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विरोध के दौरान बीटगार्ड और अन्य कर्मचारियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस विवाद से करीब 100 परिवारों की आजीविका संकट में है। आदिवासी परिवारों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें खेती की अनुमति नहीं मिली तो वे आत्मघाती कदम उठा सकते हैं।

ग्रामीण प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। पुलिस ने अभी तक उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की।

वन अधिकार पट्टा वितरित किया जाएगा: डीएफओ मामले में डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि जिनके आवेदन वन मित्र पोर्टल में हैं, उनका परीक्षण करा कर उन्हें वन अधिकार पट्टा वितरित किया जाएगा। सैटेलाइट इमेज के जरिए भी जांच कराई जा रही है। 2005 तक उस क्षेत्र में जंगल दिख रहा है। फिर भी मैदानी स्तर पर जांच कराई जा रही है उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।



Source link