27 की उम्र में खत्म हुआ भारत के इस दिग्गज क्रिकेटर का करियर, टीम इंडिया को दिलाई कई ऐतिहासिक जीत

27 की उम्र में खत्म हुआ भारत के इस दिग्गज क्रिकेटर का करियर, टीम इंडिया को दिलाई कई ऐतिहासिक जीत


टीम इंडिया के एक दिग्गज क्रिकेटर का करियर महज 27 साल की उम्र में ही खत्म हो गया. अपने दम पर इस क्रिकेटर ने भारत को कई ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं. भारतीय क्रिकेट टीम में सेलेक्शन होना जितना मुश्किल माना जाता है, उससे कई गुना ज्यादा मुश्किल खुद को टीम इंडिया में बरकरार रखना होता है, क्योंकि टीम के बाहर भी कई ऐसे खिलाड़ी होते हैं, जो अपने बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर तगड़ा कॉम्पिटिशन देते हैं. एक क्रिकेटर जो कभी टीम इंडिया का सबसे बड़ा हथियार था, उसके करियर का अंत बेहद हैरान करता है.

27 की उम्र में खत्म हुआ भारत के इस दिग्गज क्रिकेटर का करियर

कुछ क्रिकेटरों को अच्छे प्रदर्शन के बाद भी टीम इंडिया से ड्रॉप कर दिया जाता है. बाएं हाथ के स्पिनर प्रज्ञान ओझा के साथ भी ऐसा ही हुआ था. 10 साल की उम्र में प्रज्ञान ओझा ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था. 2008 में उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में डेब्यू किया था. साल 2009 में प्रज्ञान ओझा ने टेस्ट और टी20 में डेब्यू किया था. उस दौर में टीम में जगह बनाना और सुरक्षित रखना बेहद मुश्किल था. प्रज्ञान ओझा की टक्कर हरभजन सिंह, आर अश्विन और रवींद्र जडेजा से थी. प्रज्ञान ओझा ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच 27 साल की उम्र में खेला था.

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टीम इंडिया को दिलाई कई ऐतिहासिक जीत

प्रज्ञान ओझा ने टीम इंडिया को कई यादगार और ऐतिहासिक जीत दिलाई हैं. प्रज्ञान ओझा ने 2008 से 2013 के बीच 24 टेस्ट में 113 विकेट, 18 वनडे इंटरनेशनल में 21 विकेट और 6 टी20 इंटरनेशनल में 10 विकेट लिए. प्रज्ञान ओझा ने साल 2013 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी टेस्ट खेला गया था. यह सचिन तेंदुलकर का विदाई टेस्ट भी था. भारत ने इस टेस्ट को 126 रन से जीता था. इस मैच में प्रज्ञान ओझा ने दोनों पारियों में 5-5 विकेट लिए थे. प्रज्ञान ओझा इस मैच में कुल 10 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच रहे थे. इस मैच के बाद प्रज्ञान ओझा का करियर आसमान की ऊंचाई पर जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सचिन तेंदुलकर के साथ 27 साल के प्रज्ञान ओझा का भी यह आखिरी टेस्ट साबित हुआ.

कैसे खत्म हो गया करियर?

प्रज्ञान ओझा ने 2008 से 2015 के बीच 92 आईपीएल मैचों में 89 विकेट लिए. 21 फरवरी 2020 को उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. प्रज्ञान ओझा के करियर खत्म होने की सबसे बड़ी वजह रवींद्र जडेजा बने. प्रज्ञान ओझा ने 14 नवंबर 2013 को अपना आखिरी टेस्ट मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था, जो सचिन तेंदुलकर का इंटरनेशनल क्रिकेट से विदाई मैच भी था. मुंबई में खेले गए इस टेस्ट मैच में प्रज्ञान ने दोनों पारियों में 40 रन पर 5 विकेट और 49 रन पर 5 विकेट चटकाते हुए 89 रन देकर 10 विकेट लेने का कारनामा किया था. इसके बाद ओझा के एक्शन पर सवाल उठा दिए गए. इसी कारण उन्हें मजबूरन टीम इंडिया से बाहर बैठना पड़ा. इसके बाद उन्होंने एक्शन में सुधार के लिए जमकर मेहनत की और आईसीसी से क्लीन चिट भी हासिल कर ली, लेकिन तब तक तत्कालीन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की गुडबुक में शामिल रवींद्र जडेजा टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर चुके थे. इस कारण दोबारा ओझा की टीम में कभी वापसी नहीं हो पाई. प्रज्ञान ओझा का जन्म 5 सितंबर 1986 को हुआ था.



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