रायसेन के सागर मार्ग स्थित श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्यूषण पर्व के समापन और अनंत चतुर्दशी महापर्व पर समाज के लोग बड़ी संख्या में जुटे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भगवान की शोभायात्रा निकाली गई। इस दौरान भक्तों ने भगवान को सिर पर रखकर ढ
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शांति धारा का आयोजन हुआ मंदिर में भगवान का अभिषेक और शांति धारा का आयोजन हुआ। इसमें पांच इंद्रों ने भाग लिया। पहली बोली भूपेश जैन, दूसरी मुकेश जैन, तीसरी संजीत जैन, चौथी जय बाबू जैन और पांचवीं बोली डॉ. प्रखर जैन ने लगाई। जिला शास्त्र न्यायाधीश अनिल सुहाने ने भी शांति धारा में हिस्सा लिया। भगवान वासुपूज्य के चरणों में निर्वाण लाड़ू चढ़ाए गए और पांडुक शिला पर विराजमान कर सामूहिक अभिषेक किया गया।
10 दिन तक समाजजनों ने रखा व्रत मंदिर में भक्तामर महा आराधना और महाआरती का आयोजन भी हुआ। 48 दीपों से मंदिर परिसर को रोशन किया गया। पर्यूषण पर्व के दौरान समाज के चार लोगों ने लगातार 10 दिन तक कठिन तप किया। शाम को समाजजन उन्हें अध्यक्ष मुकेश जैन के घर से शोभायात्रा के रूप में मंदिर लेकर आएंगे। इसके बाद महाआरती की जाएगी।
समाज के अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि पर्यूषण पर्व के 10 दिनों में लगातार धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। महापर्व के समापन अवसर पर उन कार्यक्रमों के विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा। इस प्रकार पूरे समाज ने धार्मिक आस्था और भक्ति भाव से पर्व का समापन किया।
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