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Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर जिले के बारे में कौन नहीं जानता, लेकिन सागर को सागर क्यों कहा जाता है, इस बात का जवाब बहुतों के पास नहीं है. खुद इतिहासकार भी कंफ्यूज हैं. जानें माजरा..
किसने दिया सागर को सागर नाम?
लेकिन, सागर का नाम सागर कैसे पड़ा? जबकि, यहां से असली वाला सागर या समुद्र बहुत दूर है. हालांकि, इसको लेकर कोई ठोस वजह नहीं मिलती. लेकिन, इसको लेकर अलग-अलग तरह की बातें प्रचलित हैं. एक तो सागर नाम पड़ने की वाजिब वजह इसका बेहद खूबसूरत झील के किनारे बसा होना माना जाता है. इतिहासकारों के मुताबिक, सन 1660 में निहाल शाह के वंशज उदान शाह ने इस तालाब के किनारे ही सबसे पहले एक छोटा सा किला बनाया था. फिर यहां किले की दीवारों की नीचे परकोटा नाम का गांव बसाया गया था, जो अब शहर के बीचोंबीच स्थित एक मोहल्ले के रूप में है.
इसके बाद 17वीं शताब्दी में मराठा आए तो उन्होंने सागर को सागर ही कहा. मराठा शासक गोविंद पंत ने इस बस्ती का आकार दिया. 1820 में अंग्रेजों के कब्जे में आ गया था. लेकिन, सबसे पहले सागर को सागर कब कहा गया? क्यों कहा गया? कैसे कहा गया? यह आज भी रहस्य है. इतिहासकारों का मानना है कि इस पर रिसर्च करके पता लगाना चाहिए की सबसे पहले सागर का नाम सागर कब पड़ा.
महाराजा छत्रसाल के समय में मिला नाम?
इतिहासकार डॉ. रजनीश जैन बताते हैं, सागर का नाम सागर सबसे पहले कब पड़ा, इसके बारे में यही पता है कि महाराजा छत्रसाल के कालखंड में सागर नाम आया था. गोरेलाल तिवारी के छत्रप्रकाश में इसकी 2- 3 तिथियां मिलती हैं. छत्रसाल के पत्रों में भी इसका नाम आया है. इसके बाद मराठा काल शुरू हुआ तो उसमें सागर का नाम सागर ही आया है. अगर मध्य काल में जाएं तो छत्रसाल के पहले जाएं तो सागर का नाम किसी दस्तावेज में किसी साहित्य में कहीं पर मिलता ही नहीं है. उसके स्थान पर गढ़पहरा मिलता है.
अभी शोध की जरूरत
सागर की एक थ्योरी और है, जो खानपुर सतगढ़ मध्यम सिंचाई परियोजना जिसको कहते हैं, वहां पर सतगढ़ फोर्ट है. सागर से 11 किलोमीटर की दूरी पर है. उसका नाम सतगढ़ पड़ा और लंबे समय से उसका नाम दस्तावेजों में भी सतगढ़ है. यह कलचुरी काल में एक राजा शंकरगण हुआ है. 850 ईस्वी में उसका अभिलेख मिला है तो उसका नाम सतगढ़ शत यानी सतगढ़ शत भी है. सागर का नाम बुनियादी रूप से झील के कारण सागर रखा या सतगढ़ के कारण रखा, यह अपने आप में शोध का विषय है. जिस पर और काम होना चाहिए, तभी ये मिस्ट्री सुलझेगी.