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Burhanpur Nagjhiri Ghat: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में ताप्ती नदी का नागझिरी घाट श्राद्ध पक्ष में खास महत्व रखता है. मान्यता है कि यहीं भगवान श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध किया था.
दरअसल, यहां की ताप्ती नदी का नागझिरी घाट ऐसा पवित्र स्थल है जहाँ स्वयं भगवान श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ का श्राद्ध किया था. यही वजह है कि आज भी हर साल श्राद्ध पक्ष में यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और अपने पूर्वजों को याद करके पिंडदान करते हैं.
लोकल 18 की टीम ने जब राम झरोखा मंदिर के नर्मदानंद गिरी महाराज से बात की तो उन्होंने बताया कि शास्त्रों में लिखा है कि पितरों को भोजन और जल अर्पित करने से उनकी आत्मा को शांति मिलती है. यही कारण है कि 16 श्राद्ध बेहद खास माने जाते हैं. नागझिरी घाट इसलिए और भी पावन है क्योंकि यहीं श्रीराम ने वनवास के दौरान अपने पिता का श्राद्ध किया था. तब से लेकर आज तक हजारों लोग इस परंपरा को निभाने घाट पर आते हैं.
इतिहास से जुड़ा तथ्य
इतिहासकार डॉ. वैद्य सुभाष माने का कहना है कि जब भगवान श्रीराम वनवास के दौरान बुरहानपुर पहुंचे थे तो उन्होंने नागझिरी घाट पर ही रुककर श्राद्ध किया था. उसके बाद वे यहीं से महाराष्ट्र की ओर आगे बढ़े थे. यही वजह है कि यह घाट सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि ऐतिहासिक महत्व भी रखता है.
आज भी जारी है परंपरा
आज भी श्राद्ध पक्ष में नागझिरी घाट का नजारा कुछ अलग ही होता है. सुबह से ही लोग यहां पिंडदान के लिए पहुंचने लगते हैं. महिलाएं सिर पर थालियाँ लेकर घाट पर आती हैं, पुरुष अपने पूर्वजों के नाम से अर्पण करते हैं. दूर-दूर से आए परिवार अपने रिश्तेदारों संग यहां जुटते हैं.
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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