86 करोड़ का है बजट: साउथ ब्लॉक में छत पर बनेगा अस्थायी स्टोर रूम, पार्किंग में जंकयार्ड भी बनाया जा रहा – Bhopal News

86 करोड़ का है बजट:  साउथ ब्लॉक में छत पर बनेगा अस्थायी स्टोर रूम, पार्किंग में जंकयार्ड भी बनाया जा रहा – Bhopal News



2024 में हुए अग्निकांड में तीसरा, चौथा व 5वां फ्लोर हुआ था प्रभावित

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मंत्रालय की पुरानी बिल्डिंग में पांचवें फ्लोर से रेनोवेशन का काम शुरू हो चुका है। साल 2024 में अग्निकांड में यह फ्लोर काफी क्षतिग्रस्त हो गया था। अगले दो सालों में बेसमेंट सहित पूरी बिल्डिंग का रेनोवेशन करने का लक्ष्य है। लगभग 6 दशक पुरानी बिल्डिंग का रेनोवेशन प्लान 2017-18 से लंबित था, जो अब जाकर शुरू हो सका है।

सिविल वर्क पूरा हो चुका साल 2024 में हुए भीषण अग्निकांड में पुरानी बिल्डिंग के तीसरे, चौथे और पांचवें फ्लोर पर काफी नुकसान हुआ था। सीएम सचिवालय के कई सेक्शन वाले पांचवें फ्लोर पर बहुत अधिक नुकसान हुआ था। हाल ही में पांचवें फ्लोर का सिविल वर्क खत्म हो चुका है। रेनोवेशन सबसे पहले यहीं से शुरू हुआ है। यहां जिन हिस्सों में काम होना है, उन्हें अग्निकांड से सुरक्षित रहे कमरों में और दूसरे फ्लोर पर शिफ्ट किया जा रहा है।

बिजली के काम के लिए 36.32 करोड़ – पुरानी बिल्डिंग के रेनोवेशन का मूल प्लान 2017-18 के आसपास बना था। यह लगातार अटकता रहा और अब जाकर फाइनल हुआ है। रेनोवेशन के लिए 86.08 करोड़ का टेंडर दिया गया है। इसमें से 49.76 करोड़ रुपये सिविल कार्य के लिए तथा 36.32 करोड़ रुपये विद्युत कार्य के लिए उपयोग किए जाएंगे।

सबसे पहले अस्थायी स्टोर रूम

छत पर साउथ ब्लॉक में अस्थाई शेड बनाकर स्टोर रूम बनाया जा रहा है, जिसमें रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण रेनोवेशन होने तक रखे जाएंगे। जो इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान या फर्नीचर खराब हैं, उनके लिए मंत्रालय की मल्टीलेवल पार्किंग के भूतल पर जंकयार्ड बन रहा है। बिल्डिंग का मूल डिज़ाइन वैसा ही रखा जाएगा। कैबिन में सेंट्रल एसी, मॉड्यूलर टॉयलेट, आधुनिक टाइल्स, फायर सेंसर्स और आधुनिक फर्नीचर लगेंगे।

ऊर्जा की बचत के लिए वेरिएबल रेफ्रिजरेंट वॉल्यूम सिस्टम लगेंगे। इसमें चाही गई सीमा में इंटरनल यूनिट से कूलिंग होती है। बिजली कम खर्च होती है। इस ब्लॉक में 19 विभागों और 10 मंत्रियों के कक्ष होंगे। आग से निपटने के लिए हर कक्ष में आधुनिक फायर सेंसर लगेंगे।

पांचवें फ्लोर पर रेनोवेशन के लिए शिफ्टिंग का काम शुरू कर दिया गया है। कुछ सेक्शन उसी फ्लोर पर, तो बाकी सेकंड फ्लोर पर शिफ्ट होंगे। दो साल में पुरानी बिल्डिंग का आधुनिकीकरण होना है। मनोज श्रीवास्तव, रजिस्ट्रार, मंत्रालय



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