आजादी के बाद पहली बार पहुंचे कलेक्टर, महिलाओं की घेराबंदी में 30 मिनट तक फंसे

आजादी के बाद पहली बार पहुंचे कलेक्टर, महिलाओं की घेराबंदी में 30 मिनट तक फंसे


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Chhatarpur News: छतरपुर जिले की चंदला तहसील में आजादी के बाद पहली बार कोई कलेक्टर पहुंचा था. लोगों को बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं. उन्हें लगा था कि कलेक्टर उनकी समस्याएं सुनेंगे और समाधान करेंगे. तहसील और पटवारी स…और पढ़ें

छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल बीते दिन चंदला तहसील में जनसुनवाई हुई थी, जिसमें कलेक्टर पार्थ जैसवाल पहुंचे थे लेकिन जनसुनवाई जल्दी खत्म हो जाने से लोग नाराज हो गए. जिसके चलते लोगों ने कलेक्टर की गाड़ी को ही घेर लिया. कलेक्टर हाथ जोड़कर निवेदन करते रहे लेकिन लोगों की नाराजगी के चलते वह तकरीबन आधे घंटे तक फंसे रहे.

छतरपुर जिला मुख्यालय से 100 किलोमीटर दूर मंगलवार को चंदला तहसील में जनसुनवाई हुई थी. कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने पहली बार तहसील स्तर पर जनसुनवाई का नवाचार किया था. वह चंदला में हो रही जनसुनवाई के लिए दोपहर 12 बजे पहुंचे और एक बजे जनसुनवाई खत्म करके जाने लगे. जिसके चलते लोगों ने डीएम की गाड़ी को ही घेर लिया. तकरीबन 30 मिनट तक कलेक्टर फंसे रहे.

आजादी के बाद पहली बार पहुंचे कलेक्टर
छतरपुर जिले की चंदला तहसील में आजादी के बाद पहली बार कलेक्टर पहुंचे थे, जिससे लोगों को बहुत ज्यादा उम्मीदें थीं. उन्हें उम्मीद थी कि उनकी छोटी-छोटी समस्याएं कलेक्टर सुनेंगे और समाधान करेंगे. तहसील और पटवारी स्तर की जो छोटी-छोटी समस्याएं हैं, वो कलेक्टर मिनटों में खत्म कर देंगे.

कलेक्टर की गाड़ी का किया घेराव
छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल चंदला दोपहर 12 बजे पहुंचे थे और एक घंटे बाद वह जनसुनवाई छोड़ जाने लगे, जिससे जनसुनवाई में पहुंचे लोग नाराज हो गए. उन्हें उम्मीद थी कि पहली बार कलेक्टर यहां आए हैं, तो उनकी छोटी-बड़ी समस्याएं कलेक्टर जरूर सुनेंगे और इन समस्याओं का समाधान भी तुरंत हो जाएगा लेकिन डीएम को जाता देख लोग गुस्सा हो गए और फिर उन्होंने कलेक्टर की गाड़ी का ही घेराव कर लिया.

कलेक्टर ने हाथ जोड़कर किया निवेदन
कलेक्टर पार्थ जैसवाल की गाड़ी जाते देख जनसुनवाई में पहुंचे लोग उनकी गाड़ी के आगे बैठ गए और शिकायत करने लगे कि यहां पहली बार जनसुनवाई के लिए वह आए थे और उनकी समस्याएं सुने बगैर ही जाने लगे. जनसुनवाई में पहुंची महिलाओं ने तो कलेक्टर का घेराव ही कर लिया. साथ ही नारेबाजी भी शुरू कर दी. जिसके बाद पुलिस बुलाई गई और बढ़ती भीड़ को समझाने लगी. हालांकि कलेक्टर ने भी हाथ जोड़कर लोगों को समझाने की कोशिश की. तकरीबन 30 मिनट तक कलेक्टर लोगों के बीच फंसे रहे.

छतरपुर जिले का पिछड़ा क्षेत्र
कलेक्टर पार्थ जैसवाल जिस चंदला तहसील में जनसुनवाई के लिए पहुंचे थे, ये तहसील चंदला विधानसभा के अंतर्गत आती है. छतरपुर जिले की 6 विधानसभाओं में चंदला विधानसभा को जिले का सबसे पिछड़ा क्षेत्र भी माना जाता है. यह विधानसभा जिला मुख्यालय से 100 किमी दूर स्थित है. यह विधानसभा उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से लगी हुई है.

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