गेल जैसी काबिलियत, PAK वाला दम, आज SKY से पंगा लेगा छक्कों का उस्‍ताद

गेल जैसी काबिलियत, PAK वाला दम, आज SKY से पंगा लेगा छक्कों का उस्‍ताद


नई दिल्‍ली. भारत और यूएई के बीच आज होने वाले एशिया कप 2025 मुकाबले के दौरान एक तरफ भारतीय धुरंधर मैदान पर कहर बरपांएगे. वहीं, दूसरी तरफ सबकी निगाहें विरोधी टीम के एक खिलाड़ी पर भी होगी और वो हैं यूएई के कप्तान मुहम्मद वसीम. क्रिकेट की दुनिया में उन्हें “छक्कों का बादशाह” कहा जाता है. तगड़े कद-काठी, घनी काली दाढ़ी और मैदान पर आक्रामक रवैये के साथ वसीम चर्चा में रहते हैं. दिलचस्प बात यह है कि यह सितारा पाकिस्तान के पंजाब के छोटे से कस्बे मियां चन्नू से निकला और खाड़ी की धरती पर अपनी किस्मत चमकाने पहुंच गया.

नौकरी के लिए पहुंचा था दुबई
वसीम पहली बार यूएई आए तो मकसद सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि नौकरी ढूंढना और घर चलाना था. रमजान टूर्नामेंट में खेलने आए वसीम को न तो नौकरी मिली, न ही बड़ी पहचान. तभी किस्मत ने उन्हें मुदस्सिर अली से मिलवा दिया. हैदराबाद से आए क्रिकेट प्रेमी  व क्लब मालिक मुदस्सिर ने उन्हें न सिर्फ अपनी टीम “चार्जर्स” से जोड़ा बल्कि अपनी कंपनी में नौकरी भी दी. लेकिन जल्द ही उन्होंने वसीम से कहा कि ऑफिस आना बंद करो और क्रिकेट पर पूरा ध्यान दो. यही वह मोड़ था जब वसीम का असली सफर शुरू हुआ.

टेप-बॉल से हार्ड-बॉल तक
वसीम शुरुआत में टेप-बॉल स्टाइल में शॉट खेलते थे, इसलिए हार्ड-बॉल और कंक्रीट पिच पर उन्हें दिक्कत आई. लेकिन उनकी सबसे बड़ी खूबी थी सीखने की भूख और मेहनत. धीरे-धीरे वे छक्कों के लिए मशहूर हो गए. हालांकि असली पहचान 2020 के D-10 टूर्नामेंट से मिली, जब उन्होंने युवा टीम को फाइनल तक पहुंचाया.

क्रिस गेल वाली तूफानी पारी
उनका स्टारडम मोमेंट साल 2021 में अबू धाबी T10 लीग में आया. नॉर्दर्न वॉरियर्स के लिए खेलते हुए उन्होंने महज 13 गेंदों पर अर्धशतक जड़ा. खास बात यह है कि यह वही रिकॉर्ड था जिसे लीग में क्रिस गेल ने कुछ घंटे पहले बनाया था. 34 गेंदों पर 76 रन, 212 रन के सीजन और 225 की स्ट्राइक रेट ने उन्हें रातों-रात सुर्खियों में ला दिया. तभी से वसीम के नाम के आगे “यूएई का गेल” जुड़ गया.

इंटरनेशनल क्रिकेट में धमाल
साल 2021 में एलिजिबिलिटी पूरी करने के बाद वसीम ने यूएई की जर्सी पहनी. जल्द ही वे टीम के कप्तान और भरोसेमंद बल्लेबाज बन गए. साल 2022 वर्ल्ड कप क्वालीफायर में नामीबिया के खिलाफ उनकी 50 रन की पारी और आखिरी ओवर में जीत दिलाना आज भी याद किया जाता है. अफगानिस्तान, बांग्लादेश और यहां तक कि न्यूजीलैंड जैसी टीमों के खिलाफ भी उन्होंने जीत में अहम योगदान दिया.

आईपीएल का अधूरा सपना
ILT20 में उनके छक्कों ने सबको चौंकाया. टीम मैनेजमेंट तक ने कहा, “अगर पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रोक न होती, तो आप आईपीएल में जरूर खेलते.” यह उनके हुनर का सबसे बड़ा प्रमाण था. वसीम की सफलता के पीछे उनके क्रिकेटिंग भाई बने मुदस्सिर अली की अहम भूमिका है. जब वसीम की मां ने एक इंटरव्यू में मुदस्सिर को बेटे की तरह मानते हुए धन्यवाद कहा, तो यह रिश्ता और गहरा हो गया.

भारत को रहना होगा सावधान
आज भारत के खिलाफ मैच में जब वसीम बल्ला घुमाएंगे, तो उनके हर छक्के में उस संघर्ष, दोस्ती और जुनून की गूंज सुनाई देगी. अगर वे भारतीय गेंदबाजों पर हावी हो गए, तो यह मुकाबला न सिर्फ रोमांचक बनेगा बल्कि यूएई क्रिकेट की पहचान को भी नई उड़ान मिलेगी.



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