विदिशा जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक 22 वर्षीय महिला के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 14 सितंबर को चंद्रेश नामक एक व्यक्ति उसे झांसा देकर एक बाबा के पास ले गया। वहां, बाबा ने उसे
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जब पीड़िता को होश आया, तो उसने खुद को बासौदा में पाया। यहां, चंद्रेश और उसके दो साथियों, दीपक और प्रदीप ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के अनुसार, इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने के बाद, आरोपी उसे भोपाल ले गए और उसे बासौदा और भोपाल के बीच घुमाते रहे। इस दौरान, उन्होंने उसे जबरन शराब पिलाई और उसके पास मौजूद नकदी भी छीन ली।
पीड़िता के पति ने जब अपनी पत्नी को गायब पाया, तो उसने आरोपियों से फोन पर संपर्क किया और उनसे उसे वापस भेजने की गुहार लगाई। इस बीच, परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी कर ली थी, जिसकी भनक आरोपियों को लग गई। दबाव में आकर, उन्होंने 22 सितंबर को पीड़िता को बस में बिठाकर विदिशा भेज दिया।
एएसपी को सुनाई आपबीती
पीड़िता आरोपियों की धमकियों से इतनी डरी हुई थी कि उसने पुलिस के पास जाने की हिम्मत नहीं जुटाई। हालांकि, बाद में उसने साहस दिखाया और सीधे एसपी कार्यालय पहुंचकर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) को अपनी आपबीती सुनाई।
एएसपी प्रशांत चौबे ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज के अनुसार, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों, दीपक और प्रदीप राठौर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी चंद्रेश अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।