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टी20 फॉर्मेट में बल्लेबाजों के पास लाठीचार्ज का लाइसेंस होता है और अच्छे-अच्छे गेंदबाजों की पिटाई होते देर नहीं लगती. कुछ ऐसा ही हॉन्ग कॉन्ग के आयुष शुक्ला के साथ हुआ है. टी20 मैच में एक बॉलर 4 ही ओवर फेंक पाता…और पढ़ें
ये तो सभी जानते है कि टी20 फॉर्मेट में बल्लेबाजों के पास लाठीचार्ज का लाइसेंस होता है और अच्छे-अच्छे गेंदबाजों की पिटाई होते देर नहीं लगती. कुछ ऐसा ही हॉन्ग कॉन्ग के आयुष शुक्ला के साथ हुआ है. टी20 मैच में एक बॉलर 4 ही ओवर फेंक पाता है, साल 2024 में आयुष शुक्ला ने चारों ओवर मेडन करने का ऐतिहासिक कारनामा किया था मगर एशिया कप 2025 के पहले मैच में अफगानिस्तान के खिलाफ वो एक अलग ही रिकॉर्ड बना गए.
ये कहानी है भारतीय मूल के आयुष शुक्ला की जिनका जन्म हॉन्ग कॉन्ग में हुआ और वहीं पले-बड़े और क्रिकेट में अपना नाम बनाया , ये साल 2024 की बात है जब दायें हाथ के तेज गेंदबाज आयुष शुक्ला ने मंगोलिया के खिलाफ टी20 मैच में चारों ओवर मेडन फेंके थे. वो ऐसा करने वाले दुनिया के सिर्फ तीसरे गेंदबाज बने थे. मगर एशिया कप 2025 के सबसे पहले मैच में अफगानिस्तानी बल्लेबाजों ने उन्हें कतई नहीं बख्शा. अफगानिस्तान के खिलाफ उन्होंने 2 विकेट तो लिए, लेकिन 54 रन लुटा दिए. वो हॉन्ग कॉन्ग की ओर से सबसे महंगे गेंदबाज रहे. एशिया कप 2025 के सबसे पहले मैच में अफगानिस्तान ने सेदिकुल्लाह अटल के 73 रन और अजमतुल्लाह उमरजई की 53 रनों की तूफानी पारी की बदौलत 188 रनों का स्कोर खड़ा किया था. जवाब में हॉन्ग कॉन्ग सिर्फ 94 रनों पर ही ऑलआउट हो गई. हॉन्ग कॉन्ग को 94 रनों से हार मिली, दूसरी ओर ये टी20 एशिया कप में अफगानिस्तान की सबसे बड़ी जीत रही.
एशिया कप में कई भारतीय खेल रहे है उनमें से एक नाम है आयुष शुक्ला जिनका जन्म हॉन्ग कॉन्ग में हुआ और वहीं पले-बड़े, लेकिन वो मूल रूप से भारतीय हैं. करीब 3 साल पहले आयुष के पिता आशीष शुक्ला ने प्रेस के साथ बातचीत में बताया था कि वो महाराष्ट्र के पालघर जिले से आते हैं. वो मुंबई टीम के पूर्व सेलेक्टर राजू सूतर के साथ खेला करते थे, लेकिन काम के चक्कर में 1996 में हॉन्ग कॉन्ग आ गए थे. इसके 6 साल बाद यानी 2002 में उनके घर आयुष का जन्म हुआ, जो अब एशिया कप में हॉन्ग कॉन्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. आयुष शुक्ला को इंतजार है कि उनको एक दिन भारत के खिलाफ खेलने का मौका मिले और वो उस मैच में अपनी धार दिखा सके.