उज्जैन के बड़ा पुल में हुए कार हादसे के 2 सीसीटीवी सामने आए हैं। दोनों सीसीटीवी घटना के 4 मिनट पहले के हैं। पहले फुटेज में उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा सफेद कार की तरफ जाते दिख रहे हैं। वहीं, दूसरे फुटेज में गाड़ी पिपलीनाका चौराहे से बड़े पुल की ओर ज
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कार लगभग 1.7 किमी का सफर तय कर ब्रिज पर पहुंची थी। यहीं पर हादसा हो गया। हालांकि, कार कौन चला रहा था यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। घटना शनिवार रात 8:53 बजे की है। कार शिप्रा नदी में गिरी थी। इसमें सवार 3 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी।
हादसे की वजह ब्रिज पर अंधेरा होना और रेलिंग न लगे होना सामने आया। घटना से पहले पुल पर लाइटिंग और बैरिकेडिंग के लिए जीवाजीगंज टीआई ने तहसीलदार को वॉट्सऐप मैसेज भी भेजा था। लेकिन ये व्यवस्थाएं नहीं हो सकी।
पहले ग्राफिक्स में समझें पूरा हादसा…
गाड़ी पिपलीनाका चौराहे से निकली। 4 मिनट बाद नदी में गिरी।
अब जान लीजिए जो नए CCTV दैनिक भास्कर को मिले हैं उनमें क्या है…
फुटेज- 1. कार की ड्राइविंग सीट की ओर जाते दिखे टीआई
पहला वीडियो शनिवार रात 8.49 बजे का है। जो घटना से 4 मिनट पहले का बताया जा रहा है। इसमें थाना प्रभारी अशोक शर्मा पिपलीनाका चौराहा स्थित अपने निवास से निकलते हैं। वह चौराहे पर पहले से मौजूद सफेद कार की तरफ बढ़ते हैं।
थाना प्रभारी शर्मा कार की ड्राइवर सीट की ओर जाते हैं। कुछ सेकेंड बाद कार यहां से रवाना हो जाती है। हालांकि, कार कौन चला रहा था, यह फुटेज में स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा।

पिपलीनाका चौराहे पर थाना प्रभारी अशोक शर्मा सफेद कार की ओर जाते दिख रहे हैं। (फुटेज में तकनीकी कारण से समय गलत नजर आ रहा है।)
फुटेज- 2. पिपलीनाका से बड़े पुल की ओर दौड़ती दिखी कार
दूसरा वीडियो थाना प्रभारी अशोक शर्मा के घर से 50-60 मीटर दूर पिपलीनाका मेन रोड का है। यह घटना से 3-4 मिनट पहले का बताया जा रहा है। वीडियो में सफेद रंग की कार रात 8:50 बजे पिपलीनाका से बड़े पुल की ओर जाती दिख रही है। इस दौरान गाड़ी की स्पीड लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
यहां से 3 मिनट बाद कार 1.7 किमी का सफर तय करती है। 7.5 मीटर चौड़े पुल पर पहुंचती है। यहां वन-वे ब्रिज में एक साथ तीन गाड़ियां आ गईं। आगे चल रहे चार पहिया वाहन को क्रॉस करते समय पुलिसकर्मियों की कार नदी में गिर गई। इसका वीडियो भी सोमवार को सामने आया था।

यह वीडियो घटना से 3 मिनट पहले रात 8.50 बजे का बताया जा रहा है। जब पुलिसकर्मियों की कार पिपलीनाका से बड़े पुल के लिए जा रही थी।
गाड़ी कौन चला रहा था, अभी भी संशय
नए सीसीटीवी में दिखाई देता है कि थाना प्रभारी अशोक शर्मा के घर के बाहर कार खड़ी है। शर्मा घर से निकलते हैं। कार के ड्राइवर सीट की तरफ जाते हैं। हालांकि, अंधेरा होने और सामने से आ रही गाड़ियों की लाइट डायरेक्ट सीसीटीवी पर पड़ने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि थाना प्रभारी ड्राइवर सीट पर बैठे या फिर बीच वाली सीट पर।

घटना का यह वीडियो सोमवार को सामने आया था, जिसमें एक कार रात 8:53 बजे शिप्रा नदी में गिरते हुए नजर आ रही है।
घटना से पहले जीवाजीगंज टीआई का तहसीलदार को मैसेज
गणेश विसर्जन को लेकर थाना जीवाजीगंज टीआई विवेक कनोडिया ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 1.48 बजे तहसीलदार रुपाली जैन को वॉट्सऐप पर मैसेज भेजा था। मैसेज में उन्होंने शिप्रा नदी का प्रवाह तेज होने और देर रात तक विसर्जन के चलते सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग और ब्रिज पर लाइट लगाने की मांग की थी। लेकिन व्यवस्था नहीं की गई।
अब वो पढ़ें जो दैनिक भास्कर को मिले वॉट्सऐप नोट में टीआई कनोडिया ने लिखा-
महोदय, थाना जीवाजीगंज क्षेत्रांतर्गत निम्न स्थलों पर गणेश प्रतिमा विसर्जन परंपरागत रूप से होते आ रहे हैं। जिन स्थलों पर देर रात तक श्रद्धालुओं का विसर्जन हेतु आना-जाना बना रहता है। वर्तमान में शिप्रा नदी का प्रवाह तेज होने एवं देर रात तक विसर्जन जारी रहने से सुरक्षार्थ निम्न विसर्जन स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग व्यवस्था एसडीआरएफ की टुकड़ी की व्यवस्था करने की कृपा करें।
- बड़ा पुल
- ऋण मुक्तेश्वर पुल एवं मंदिर
- गंगा तीर्थ मौनी बाबा आश्रम
- काल भैरव जेल पुल
- विक्रांत भैरव- गढ़ कालिका पुल
अंतिम विदाई में फूट-फूट कर रोया स्टाफ
महिला आरक्षक आरती पाल का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। श्मशान घाट पर अंतिम विदाई के दौरान उनकी महिला साथी आरक्षक फूट-फूट कर रोते हुए आरती को याद करती रहीं। इस दौरान वहां मौजूद पुलिस स्टाफ और अन्य महिला सहकर्मियों की आंखें भी नम थी।

आरती के अंतिम संस्कार में पुलिस विभाग के बड़े अफसर शामिल हुए।
घर की जिम्मेदार बेटी थी आरती
आरती की बुआ मधुबाला पाल ने बताया- एक महीने पहले वह भाई के तीसरे पर गई थी। उस दौरान आरती बोली- बुआ, आप विधिविधान से सब बताते जाइए। मैं पूरा इंतजाम करूंगी। आरती स्वभाव से बहुत अच्छी थी। घर-परिवार को लेकर हमेशा जिम्मेदार रहती थी। पूरा परिवार उसकी बात मानता था। उसकी अभी शादी नहीं हुई थी। हम कई बार उससे बोले तो वह हर बार यही कहती आप लोग जहां कहेंगे, मैं वहीं शादी कर लूंगी।
शहर के ब्रिजों पर सुरक्षा के प्रबंध किए जाएंगे
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कहा- ऐसे हादसे फिर से न हों, इसलिए इस ब्रिज के साथ-साथ अन्य पुलों पर भी लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस से भी कॉर्डिनेशन किया जा रहा है।गाइडलाइन के अनुसार इंतजाम किए जाएंगे।

68 घंटे रेस्क्यू ऑपरेशन बाद मिली थी कार
उज्जैन में शनिवार रात उन्हेल थाना प्रभारी अशोक शर्मा, एसआई मदनलाल निनामा और कॉन्स्टेबल आरती पाल नाबालिग अपहरण केस की जांच में चिंतामण थाना जा रहे थे। इस दौरान हादसे का शिकार हो गए।घटना के बाद NDRF, SDERF, होमगार्ड और 130 पुलिस जवानों की टीम 68 घंटे तक रेस्क्यू में जुटे रहे।
थाना प्रभारी का शव रविवार जबकि एसआई मदनलाल का शव घटनास्थल से 3 किलोमीटर दूर मिला था। कॉन्स्टेबल आरती पाल की बॉडी मंगलवार को घटना स्थल से 70 मीटर दूर कार के साथ मिली थी। कार को स्थानीय तैराक मोहम्मद इरफान ने पहले प्रयास में खोज निकाला।

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NDRF, SDERF, होमगार्ड, पुलिस समेत 130 वॉलंटियर 4 दिन से कार और कॉन्स्टेबल को तलाश रहे थे।
उज्जैन में शनिवार रात 8:53 बजे पुल से शिप्रा में गिरी कार करीब 68 घंटे बाद मंगलवार शाम 4 :30 बजे मिली। कार को स्थानीय तैराक मोहम्मद इरफान ने पहले प्रयास में ही खोज निकाला। कार घटनास्थल से महज 70 मीटर दूर मिली। उसमें महिला आरक्षक आरती पाल का शव भी था। यहां पढ़ें पूरी खबर