शहर में सड़क सुरक्षा को लेकर पूर्व कलेक्टर दीपक सक्सेना द्वारा उठाए गए सख्त कदमों का असर उनके तबादले के बाद खत्म होता दिख रहा है। उनके निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा एक बार फिर खतरे में पड़ गई है। दीपक सक्सेना ने ई-
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25 जुलाई, 2025 को जारी हुए आदेश के तहत ई-रिक्शा को बच्चों को स्कूल लाने-ले जाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था। इसका मकसद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था, क्योंकि अक्सर ये वाहन क्षमता से ज्यादा बच्चों को बैठाते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। लेकिन कलेक्टर के जाते ही क्राइस्ट चर्च स्कूल जैसे कई इलाकों में ई-रिक्शा चालक फिर से मनमानी करने लगे हैं। वे बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर रहे हैं और पहले की तरह ही उन्हें ई-रिक्शा में भरकर ढो रहे हैं।
वहीं, 5 अगस्त, 2025 को जारी किए गए दूसरे आदेश में बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल देने पर रोक लगा दी गई थी। इस आदेश का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना था। उल्लंघन करने पर पेट्रोल पंप मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का भी प्रावधान था। लेकिन कलेक्टर के तबादले के बाद यह आदेश भी बेअसर हो गया है। शहर के आयकर चौक स्थित तैयावाबी पेट्रोल पंप पर खुलेआम बिना हेलमेट वाले लोगों को पेट्रोल दिया जा रहा है, जो सड़क सुरक्षा के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
इस तरह ई-रिक्शा में बच्चों को भरकर ले जाया जा रहा है।