कोर्ट में पुलिस के साथ बैठा आरोपी विक्रमसिंह निनामा।
रतलाम में इलाज के बहाने धर्म परिवर्तन के मामले में रिमांड पर चल रहे आरोपी विक्रम निनामा को बुधवार शाम कोर्ट ने जेल भेज दिया है। तीन दिन तक चले रिमांड के दौरान पुलिस को विक्रम के घर से ईसाई धर्म से जुड़े दस्तावेज मिले है। मोबाइल भी जब्त किया है। बैंक ख
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पुलिस अब गुडवीन नामक व्यक्ति के बारे में जांच में जुटेगी। इसके बाद आगे की कड़ी तलाशेगी। आखिर गुडवीन नामक व्यक्ति हर माह क्यों रुपए खाते में जमा करवा रहा था। पुलिस झाबुआ जाएगी।
5 सितंबर को थाना औद्योगिक क्षेत्र अंतर्गत टैंकर रोड पर झोपड़ी में इलाज के बहाने धर्मांतरण की सूचना पर हिंदू संगठनों ने 4 लोगों को पकड़ा था। घर मालिक विक्रमसिंह निनामा मौके से भाग गया था। जिसे 7 सितंबर को पुलिस ने अरेस्ट कर तीन आरोपियों के साथ कोर्ट में पेश किया था।
कोर्ट से इसका एक दिन का रिमांड मिला था। बाद में कोर्ट ने 10 सितंबर तक का रिमांड बड़ा दिया था।
आरोपी विक्रम इस तरह अपने घर पर आंखों पर पट्टी बांध करता था इलाज। (फाइल फोटो)
हर माह 4 से 5 हजार रुपए हो रहे थे जमा तीन दिन के रिमांड में पुलिस को धर्मांतरण से जुड़े कुछ सुराग मिले है। आरोपी विक्रम के घर से ईसाई धर्म से जुड़े कुछ डॉक्यूमेंट व मोबाइल भी जब्त किया है। आरोपी विक्रम के रतलाम में दो बैंक खाते में है। एक बैंक खाते में झाबुआ से गुडवीन नामक व्यक्ति के खाते से हर माह 4 से 5 हजार रुपए जमा हो रहे थे।
रुपए जमा कराने को लेकर विक्रम ने ज्यादा कुछ पुलिस को नहीं बताया है। पुलिस को शक है कि धर्मांतरण के इस खेल में यह एक मात्र कड़ी नहीं है। प्रदेश के अलावा बाहरी राज्य के लोग इसमें शामिल है। पुलिस एक-एक कड़ी तक पहुंच कर अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगी।
जांच अधिकारी थाना औद्योगिक क्षेत्र के सब इंस्पेक्टर ध्यानसिंह सोलंकी ने बताया
रिमांड खत्म होने पर आरोपी को कोर्ट से 19 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बैंक खाते में हर माह रुपए जमा हो रहे थे। कुछ दस्तावेज भी मिले है। सारे पहलुओं की जांच की जा रही है।


इस तरह घर में संदेश लिखे मिले थे। (फाइल फोटो)
मेडिकल कॉलेज से चल रहा था खेल 5 सितंबर को हिंदू संगठनों को मौके से बाइबल, क्रॉस भी मिला था। मौके पर पुलिस को बुलाया गया था। हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को काफी संख्या में जनजातीय लोग थे। जिनमें महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक थी। सभी यहां प्रार्थना व इलाज कराने के बहाने पहुंचे थे। 6 सितंबर की देर शाम पुलिस ने विरियाखेड़ी निवासी कैलाश पिता नाथुलाल निनामा की शिकायत 4 लोगों के खिलाफ मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3 व 5 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया था।
एक आरोपी बांसवाड़ा का था। एक रतलाम मेडिकल कॉलेज में पेरामेडिकल स्टाफ (नर्सिंग स्टूडेंट) है। मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने आए फरियादी को ही नर्सिंग स्टूडेंट ने अपनी बातों में लेकर इलाज कराने के बहाने इसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया था।
इनके खिलाफ दर्ज हुआ था केस
- जगदीश (30) पिता शम्भूलाल निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम गंगासागर रतलाम। (नर्सिंग स्टूडेंट)
- मांगीलाल (35) पिता शंकरलाल निनामा साल निवासी सागवा थाना बिलकुंआ जिला बांसवाडा (राजस्थान)
- गुड्डु उर्फ गुड्डा (18 साल 07 माह) पिता बालू मईडा निवासी गेणी थाना शिवगढ जिला रतलाम।
- विक्रम सिंह (35) पिता शम्भूलाल उर्फ शम्भू निनामा निवासी रिछखोरा थाना सरवन हाल मुकाम शिव नगर रतलाम।