महिला बाल विकास विभाग ने कलेक्टर को जांच के आदेश दिए।
सतना में बाल कल्याण समिति की सदस्य अंजना तिवारी के खिलाफ जांच शुरू की गई है। उन्होंने संवैधानिक पद पर रहते हुए राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। संयुक्त संचालक महिला बाल विकास डॉ अमिताभ अवस्थी ने इस मामले की जांच के लिए कलेक्टर को पत्र लिखा है। उ
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किशोर न्याय नियम 2016 के तहत बाल कल्याण समिति के सदस्य किसी राजनीतिक पद के पदाधिकारी नहीं हो सकते। अंजना तिवारी ने नियुक्ति के समय इस आशय का शपथ पत्र भी दिया था।
प्रदर्शन में अंजना तिवारी भी हुई थीं शामिल मामला 1 सितंबर का है जब भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया गया। अंजना तिवारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुई थीं। नियमों के उल्लंघन के कारण अब उनकी स्थिति विवादास्पद हो गई है।