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Chhatarpur Bidehi Baba Temple: छतरपुर जिले के महाराजपुर गांव स्थित बिदेही बाबा मंदिर सर्पदंश के उपचार के लिए प्रसिद्ध है. मान्यता है कि यहां जिंदा हालत में लाए गए मरीज पूरी तरह ठीक होकर जाते हैं.
पुजारी ने मंदिर की जानकारी दी
बैदेही बाबा मंदिर के पुजारी राजकुमार तिवारी लोकल 18 से बातचीत में कहते हैं कि यह स्थान राजाओं के जमाने का है. एक राजा ही यहां आए थे और एकांत इस जंगल में रहने लगे. कुछ समय पश्चात उन्होंने जिंदा समाधि ले ली. आज मंदिर भी इसी समाधि के ऊपर बना है. यहां जो भी सर्पदंश का मरीज आता है, ठीक होकर ही जाता है. आज भी उनका आशीर्वाद यहां आने वाले लोगों को मिलता है.
पुजारी राजकुमार तिवारी के मुताबिक यदि किसी को सांप काट ले तो सबसे पहले बैदेह बाबा की जय बोलकर बालों में गांठ लगा ले, इसके बाद घी-कालीमिर्च पी ले लेकिन पानी नहीं पीना हैं. इसके तुरंत बाद बैदेही बाबा मंदिर आना हैं और बाबा की जय बोलकर परिक्रमा लगाना हैं. कितना भी जहरीले सांप ने काटा हो बाबा उसे बचा लेंगे.
यहां आते हैं हर दिन मरीज
पुजारी राजकुमार के मुताबिक यदि जिंदा हालत में यहां कोई सांप का मरीज आया है तो फिर यहां से जीवित ही गया है. बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा मरीज आते हैं. हर दिन सर्पदंश के 20-25 मरीज़ आते हैं और ठीक होकर जाते हैं. कई बार तो रात में भी आते हैं फिर हम भी घर से भागकर मंदिर आते हैं और परिक्रमा लगवाकर उपचार करवाते हैं.
पुजारी राजकुमार तिवारी बताते हैं कि कितने भी जहरीले सांप ने काटा हो, लेकिन यहां आने पर वो सभी सर्पदंश के मरीज ठीक हो जाते हैं. नागपंचमी के दिन इस मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. यहां एमपी के अलावा यूपी से भी लोग आते हैं. पान, बताशा और नारियल यहां सबसे ज्यादा चढ़ाया जाता है.
Anuj Singh serves as a Content Writer for News18MPCG (Digital), bringing over Two Years of expertise in digital journalism. His writing focuses on hyperlocal issues, Political, crime, Astrology. He has worked a…और पढ़ें
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.