खरगोन में संत इंद्रेश जी महाराज वृन्दावन की श्राद्ध पक्ष में कथा चल रही है। उन्होंने शनिवार को मीडिया से चर्चा में कहा कि बांग्लादेश के बाद नेपाल के हालात के लिए वहां की सरकार और राजनेता जिम्मेदार हैं। भारत में प्रेम और अपनत्व है, लेकिन जिस दिन यहां
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इंद्रेश महाराज का मानना है कि राजनीति का हस्तक्षेप धर्म में नही होना चाहिए। धर्म का हस्तक्षेप राजनीति में हो सकता है। लेकिन आज धर्म में राजनैतिक हस्तक्षेप होने से विकृति हो रही है। आज शंकराचार्यों के बनाए नियमों में हस्तक्षेप होने लगा है।
उन्होंने कहा व्यवस्था राजनीति कर सकती है। कहीं मंदिर निर्माण हो रहा है, वहां व्यवस्था की जा सकती है। लेकिन आज धर्म जगत के लोगों को किनारे कर दिया जाता है।
उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप को मानसिक विकृति करार दिया। उन्होंने कहा कि “यह किसी विकसित दिमाग के लक्षण नहीं हैं। धर्मशास्त्रों ने विवाह के जो नियम बनाए हैं, उन्हीं के अनुसार विवाह करना ही सही है। कथा में इस विषय पर चर्चा चल रही है।
