Asia Cup 2025: भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर टिकी फलौदी सट्टा बाजार की नजर, जानिए कौन है फेवरिट

Asia Cup 2025: भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर टिकी फलौदी सट्टा बाजार की नजर, जानिए कौन है फेवरिट


जोधपुर. राजस्थान का फलौदी सट्टा बाजार देश में एक प्रमुख सट्टा बाजार के रूप में जाना जाता है, जहां विभिन्न चुनावों में जीत और हार पर बोली लगाई जाती है. फलोदी सट्टा बाजार की भविष्यवाणी ने खेल प्रेमियों के बीच उत्सुकता बढ़ा दी है. राजस्थान के छोटे से हेरिटेज मार्केट में होने वाले क्रिकेट और चुनावों के अनौपचारिक सट्टे को लेकर चर्चाएं हमेशा सुर्खियों में रहती है. यह बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से लेकर स्थानीय निकाय चुनावों तक पर करोड़ों रुपये का सट्टा लगाता है. चुनाव के समय, कस्बे के मुख्य बाजार में लोगों की भीड़ जमा होती है और देर रात तक सट्टा बाजार सक्रिय रहता है.

इस सट्टा बाजार की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से जुबानी और आपसी विश्वास पर आधारित है. लगभग 20 लोग इस सट्टे का आयोजन करते हैं, जबकि अन्य सट्टा लगाने वाले होते हैं. इस कारोबार में दलाल, सट्टा लगाने वाले और पैसा लगाने वाले तीन मुख्य पक्ष होते हैं. फलौदी के बाजार का सट्टा आंकलन आमतौर पर बहुत सटीक होता है. कल जब भारत और पाकिस्तान का हाई वोल्टेज मैच एशिया कप में होने वाला है. देखिए फलौदी का यह सट्टा बाजार इस मुकाबले को लेकर क्या कहता है.

एशिया कप पर फलौदी सट्टा बाजार का अंदाजा

आपको बता दें कि फलोदी में अब कोई सट्टा बाजार नहीं है और जो कुछ भी होता है वह सिर्फ अंदरूनी स्तर पर ही होता है. अब रही बात भारत और पाकिस्तान के मैच की तो जो कल मैच होने वाला है, वह एक हाई वोल्टेज ड्रामा है, जिसका इंतजार पूरा विश्व कर रहा है. यहां जो बुकी हैं, उनके हिसाब से भारत के भाव 38-40 पैसे चल रहे हैं. इसका सीधा मतलब है कि भारत की जीत के आसार पाकिस्तान से ढाई गुना ज्यादा बताए जा रहे हैं. यानी अगर भारत पर दांव लगाया जाता है तो जीत की संभावना कहीं ज्यादा है, जबकि पाकिस्तान की स्थिति अपेक्षाकृत कमजोर मानी जा रही है.

फलौदी के सट्‌टा बाजार का कुल मिलाकर माहौल यही है कि भारत को जीत का प्रबल दावेदार बताया जा रहा है. हालांकि, जानकारों का मानना है कि सट्टा बाजार के ये भाव स्थिर नहीं हैं और टॉस होने के बाद इनमें बड़ा बदलाव देखा जा सकता है. फलोदी सट्टा बाजार के पुराने अनुभवी पंटरों के मुताबिक, “टॉस किसके पक्ष में जाता है, यह पूरी बाजी को पलट सकता है. जिस टीम को पहले बल्लेबाजी करने का मौका मिलेगा, उसकी जीत की संभावनाएं अधिक बढ़ जाएंगी.

यह है पुरानी परंपरा

फलौदी में सट्टा बाजार एक पुरानी परंपरा है, जिसमें चार तरह के सट्टे प्रमुख हैं. जिसमें बारिश, क्रिकेट, चुनाव और अंकों का सट्टा शामिल है. यह बाजार आजादी से पहले से ही सक्रिय है. यहां पहले रूई की तेजी या मंदी पर सट्टा लगता था. देश के पहले आम चुनाव के साथ ही सट्टा शुरू हो गया था. फलौदी को नमक उत्पादन के लिए साल्क सिटी के नाम से जाना जाता है . इस कस्बे के कई लोग मुंबई, और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में रहते हैं और उद्योग व्यापार जगत में अपनी पहचान बना रहे हैं.

डिस्क्लेमर: यह खबर सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है. सट्टा लगाना या जुआ खेलना भारतीय कानून के तहत प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है. लोकल 18 इस सट्टेबाज़ी से कोई संबंध नहीं है और न ही हम किसी भी प्रकार की सट्टा गतिविधि को बढ़ावा देते हैं. दर्शकों से अपील है कि इस खबर को केवल सूचना के रूप में ही लें.



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