Jabalpur News: हर दरवाजे पर क्यों लगे हैं घर बेचने के पोस्टर? रातोंरात जबलपुर में ये क्या हो गया

Jabalpur News: हर दरवाजे पर क्यों लगे हैं घर बेचने के पोस्टर? रातोंरात जबलपुर में ये क्या हो गया


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Jabalpur Ajab Gajab News: जबलपुर के शिवराज बस्ती में दर्जनों लोग एकाएक मकान बेचने को तैयार हो गए हैं. आखिर रातोंरात ऐसा क्या हो गया, आइए जानते हैं इसके बारे में…

जबलपुर. मध्यप्रदेश के जबलपुर में अजीबोगरीब मामला सामने आया है. जहां जबलपुर के ललपुर स्थित शिवराज बस्ती में दर्जनों लोग एकाएक मकान बेचने तैयार हो गए और घर के बाहर पोस्टर चिपका डाला. परिजनों का आरोप है कि घरों के बाहर रात में लोग मांस के टुकड़े फेंक कर जा रहे हैं और गंदगी फैला रहे हैं. हालांकि इसकी शिकायत जैसे ही जबलपुर पुलिस तक पहुंची, वैसे ही शासन-प्रशासन हरकत में आ गया.

लोकल 18 की टीम भी ललपुर की शिवराज बस्ती में ग्राउंड जीरो पर पहुंची. जहां कुछ पक्के मकान थे और कुछ लोग झोपड़ी बनाकर रह रहे थे. पक्के मकान के दरवाजों पर पोस्टर लगा हुआ था. यह मकान बेचना है और परिवार के लोगों का नंबर दर्ज था. इसी दौरान मौके पर शासन-प्रशासन का अमला भी तैनात था. जो लोगों से जानकारी जुटा रहा था.

बस्ती में बांग्लादेशी रोहिंग्या का कब्जा…
स्थानीय लोगों का कहना है नर्मदा किनारे बसी शिवराज बस्ती में पहले सब चीज अच्छी चल रही थी, लेकिन जब से घरों की नजदीक झोपड़िया बनी है. तब से लोग घरों में ताला लगाकर मकान बेचने के लिए भी मजबूर है क्योंकि रात होते ही घर के सामने अनजान लोग मांस के टुकड़े फेंक कर जा रहे हैं और गंदगी फैला रहे हैं. इतना ही नहीं झोपड़ी में रह रहे लोग संदिग्ध हैं, जो घर की रेकी भी करते हैं. लोगों का यह भी आरोप है झोपड़ी में रह रहे लोग बांग्लादेशी रोहिंगिया है, जो बस्ती में कब्जा जमाने के लिए लगे हुए हैं.

झोपड़ी के लोग बोले गरीब है, भीख मांग कर खाते हैं

हालांकि दूसरी तरफ झोपड़ी में रह रहे लोगों का कहना है हम गरीब हैं, भीख मांग कर खाते हैं. पन्नी बिनने का काम करते हैं. हमारे पास घर नहीं है, इसीलिए झोपड़ी बना कर अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहकर गुजर-बसर कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहां सुबह होते ही काम पर चले जाते हैं और शाम को ही दो रोटी का जुगाड़ कर लौटते हैं. हमारे पास बाकायदा आधार कार्ड भी है. अगर हम बाहरी होते, तब हमारे आधार कार्ड और डॉक्यूमेंट कैसे बनते. हमें भगाने की साजिश रची जा रही है. फिलहाल पूरे मामले में अब ग्वारीघाट पुलिस जांच कर रही है.

पुलिस का कहना; महाराष्ट्र के गोंदिया के हैं लोग
लिहाजा पूरे मामले में गौरीघाट पुलिस ने जांच की. इस दौरान गौरीघाट थाना प्रभारी सुभाषचंद्र बघेल ने बताया जांच में पता चला हैं झोपड़ी में रह रहे लोग महाराष्ट्र राज्य के गोंदिया गांव के रहने वाले हैं. जो मराठी समुदाय के हैं. काफी समय से शिवराज बस्ती में ही रह रहे हैं, हालांकि कुछ अन्य लोग अभी-अभी आकर रहने लगे हैं. जिनके घरों में ताला लगा हुआ है. जिनकी भी जांच की जा रही है साथ ही स्थानीय लोगों के भी बयान लिए जा रहे हैं.

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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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