गोल्डन बैनयन अवॉर्ड लेते हुए पर्यटन विभाग के एमडी इलैया राजा टी.।
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड (एमपीटीबी) को हेरिटेज वीक अवॉर्ड्स-2025 में हेरिटेज टूरिज्म बेस्ट स्टेट श्रेणी में प्रतिष्ठित ‘गोल्डन बैनयन अवॉर्ड’ मिला है। केंद्रीय पर्यटन और संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने यह अवॉर्ड दिया।
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एमडी इलैया राजा टी. ने यह अवॉर्ड ग्रहण किया। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा, मध्यप्रदेश भारत की सभ्यता का जीवंत प्रतीक है। खजुराहो के भव्य मंदिर, ग्वालियर के ऐतिहासिक किले और महेश्वर के घाट हमारी धरोहर की कालातीत गरिमा और सतत प्रासंगिकता को दर्शाते हैं।
एमपी को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बना रहे अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला ने कहा, यह अवॉर्ड मध्यप्रदेश की उस सोच का प्रमाण है, जिसके तहत हम अपनी धरोहर को सुरक्षित रखते हुए यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि स्थानीय लोगों को पर्यटन से सीधा लाभ मिलें। हमारा ध्यान ऐतिहासिक स्थलों के नए उपयोग, परंपराओं और संस्कृति के संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटक भागीदारी पर रहा है। यह सम्मान हमें और प्रेरणा देता है कि प्रदेश को भारत का प्रमुख हेरिटेज डेस्टिनेशन बनाया जाए, जहां हर स्मारक एक कहानी कहे और हर परंपरा अपनी पहचान के साथ जीवित रहे।
एमपी की 3 धरोहर यूनेस्को की सूची में मध्यप्रदेश की तीन स्थायी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल- खजुराहो समूह के मंदिर, भीमबेटका शैलचित्र स्थल और सांची स्तूप है। यह ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गहराई को दर्शाते हैं। इसके अलावा खजुराहो, ओरछा, मांडू और चंदेरी जैसे ऐतिहासिक नगरों का संरक्षण और संवर्धन इस दिशा में एक सशक्त उदाहरण है।
प्रदेश में कुल 18 स्थल यूनेस्को की विश्व धरोहरें हैं, जो इसकी विरासत के वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हैं। ग्वालियर को यूनेस्को द्वारा ‘संगीत नगरी’ के रूप में दी गई अंतरराष्ट्रीय पहचान, राज्य के सांगीतिक और सांस्कृतिक योगदान को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है। सरकार पुरातात्विक स्थलों पर संरचनात्मक संरक्षण, आधुनिक सुविधाओं का विकास और डिजिटल तकनीकों का उपयोग कर विरासत को आम जनमानस से जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है।