आगर-मालवा पुलिस ने शुक्रवार को दो कार(MP13CE6055) और (MP13CD4006) से 9.250 किलो केटामाइन, 6 ग्राम एमडी ड्रग, 12.100 किलो अमोनियम क्लोराइड पाउडर, 35 लीटर आइसोप्रोपाइल अल्कोहल, ड्रग बनाने की मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए। जब्त माल की अंतरराष्ट्रीय बाजार
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राहुल आंजना जिसका नाम तस्करी में प्रमुख रूप से सामने आया है।
पूरा माल राहुल आंजना नाम के बीजेपी नेता की कार से बरामद किया गया था। उसके दो गुर्गे ईश्वर मालवीय और दौलत सिंह आंजना से पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। दोनों ने पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि राहुल के कहने पर गुजरात, राजस्थान,पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र में ड्रग को खपाने का काम कर चुके हैं। बीते दो सालों से राहुल से जुड़कर इस काम को अंजाम दे रहे हैं।
माल को राहुल के बताए स्थान तक पहुंचाने के एवज में पांच हजार रुपए प्रति ट्रिप के हिसाब से मिलते थे। राहुल और उसके करीबी सुरेश की तलाश में पुलिस की तीन टीमें जुटी हैं। उनके उज्जैन और राजस्थान के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी हैं। एक टीम राजस्थान में डेरा डाले हुए है, जल्द राहुल की गिरफ्तारी के दावे किए जा रहे हैं। वहीं राहुल की कार से बरामद माल को राजस्थान तक पहुंचाया जाना था।

राहुल आंजना को 19 मई 2025 को दिया गया था पद।
फोन का इस्तेमाल नहीं किया जाता था गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि तस्करी के लिए केवल कार का इस्तेमाल किया जाता था। बाय रोड ही सफर करते थे। कर्टन में माल भरकर रखा जाता था। अधिकांश रॉ मटीरियल ही राजस्थान तक पहुंचाया जाता था। जिन्हें डिलीवरी देना होती थी, उनकी जानकारी हमें नहीं होती थी। पहले से तय स्थान पर कार को छोड़ दिया जाता था। दूसरी चाबी पहले ही वहां मौजूद राहुल के अन्य गुर्गों के पास होती थी, जिन्हें हम नहीं जानते। कार को लॉक कर छोड़ने के बाद हम निकल जाते थे, बाद में दूसरे गुर्गे दूसरी चाबी का इस्तेमाल कर ले जाते थे। माल तैयार होने पर अगले स्थान की जानकारी व्यक्तिगत तौर पर राहुल के गुर्गे मिलकर देते थे। इसके बाद तैयार हो चुकी एमडी को दूसरे तय स्थान पर छोड़ दिया करते थे। हर ट्रिप के लिए हमें पांच हजार रुपए दिन के हिसाब से पेमेंट किया जाता था।
पिता भी थे बीजेपी के नेता राहुल आंजना के पिता सेवाराम आंजना भी बीजेपी के नेता रह चुके हैं। आगर-मालवा में मंडल अध्यक्ष सहित तमाम पदों पर रहे। उसकी मां सरपंच हैं। राहुल सरपंच प्रतिनिधि के तौर पर भी काम करता था। इसी के साथ बीजेपी ने उसे तनोडिया मंडल उपाध्यक्ष के पद पर 19 मई 2025 को नियुक्त किया था। जब्त कार से पुलिस को सरपंच की सील भी मिली है।
रसूख का इस्तेमाल कर सरकारी ठेके भी लेता था राहुल आंजना सरकार का रसूख दिखाकर अपने आसपास के इलाकों में ट्यूबवेल के लिए ठेके लेता था। उसकी स्वयं की बोरिंग मशीन है। पुलिस डेढ़ महीने से उसकी निगरानी कर रही थी। रंगे हाथों पकड़ने के लिए पुलिस ने उसके करीबियों को साध लिया था। उनके माध्यम से ड्रग खरीदी के लिए डील भी की जा चुकी थी। पूर्व में भी पुलिस दो बार राहुल को माल सहित गिरफ्तार करने का प्रयास कर चुकी थी।

एमडी की तस्करी के लिए इन दोनों कारों का इस्तेमाल किया जाता था।
एक आरोपी के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज पुलिस को राहुल आंजना और ईश्वर सिंह मालवीय का पुराना रिकार्ड नहीं मिला है। दौलत सिंह आंजना पर मारपीट के करीब चार केस दर्ज हैं। क्षेत्र में रसूख बढ़ाने के लिए राहुल प्रदेश के बड़े राजनेताओं के साथ फोटो और रील्स अपने सोशल मीडिया अकांउट पर शेयर करता रहता था। भोपाल, उज्जैन और इंदौर उसका अक्सर आना और जाना रहता था। शुक्रवार तड़के अधीक्षक विनोद कुमार सिंह, एएसपी रविन्द्र कुमार बोयट के मार्गदर्शन और सीएसपी मोतीलाल कुशवाह व कोतवाली प्रभारी शशि उपाध्याय के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में भारी मात्रा में मादक पदार्थ, मशीनरी और रसायन जब्त किए गए।
राहुल के घर से संदिग्ध दस्तावेज भी मिले कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ईश्वर मालवीय और दौलत सिंह आंजना को गिरफ्तार किया, जबकि मुख्य आरोपी राहुल आंजना अब भी फरार है। पुलिस ने उसके घर से संदिग्ध दस्तावेज, रिकॉर्ड और ग्राम पंचायत थड़ोदा की एक रबर सील भी बरामद की है। पकड़ी गई दो कारों में से एक राहुल आंजना के नाम है, जबकि दूसरी कार अन्य आरोपी के परिवार जन की बताई जा रही है।

पिता के साथ की थी राजनीति की शुरुआत राहुल आंजना के पिता सेवाराम आंजना पूर्व ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि उसकी मां सोहनबाई आंजना वर्तमान में थड़ोदा पंचायत की सरपंच हैं। राहुल का एक छोटा भाई महेंद्र आंजना भी है। राहुल लंबे समय से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहा है। वह पूर्व में भाजपा युवा मोर्चा ग्रामिक मंडल अध्यक्ष रह चुका है।
वह भाजपा के लगभग सभी छोटे-बड़े कार्यक्रमों में शामिल होता था और एक सक्रिय नेता के रूप में पहचान बनाई थी। परिवार खेती से जुड़ा है और राहुल अपने साथियों के साथ डंपर व ट्रैक्टर जैसे वाहन किराए पर देने का भी व्यवसाय करता था।
इन धाराओं में दर्ज किया गया है केस इस मामले में पुलिस ने आरोपियों पर स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा 8 और 22 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। वहीं, भाजपा जिलाध्यक्ष ओम मालवीय ने राहुल आंजना को गंभीर आपराधिक मामलों में लिप्त पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

कांग्रेस नेताओं ने साधा निशाना आंजना का ड्रग तस्करी में नाम सामने आने की सूचना के बाद से ही कांग्रेस ने मामले को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमंग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस खबर को शेयर कर निशाना साधा है। सिंघार ने लिखा है कि भाजपा नेताओं की संलिप्तता इस बात का सबूत है कि मप्र नशे का गढ़ बनता जा रहा है। सवाल तसे यह है कि आखिर भाजपा के संरक्षण के बिना इतने बड़े पैमाने पर नशे का धंधा कैसे चल रहा है।

पिछले महीने राजधानी में पकड़ी गईं थी नशे की अवैध फैक्ट्री

भोपाल के जगदीशपुर में पिछले माह पकड़ी गई अवैध फैक्ट्री।
भोपाल में 16 अगस्त को ही एमडी ड्रग की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई थी। डीआरआई ने ऑपरेशन क्रिस्टल ब्रेक चलाकर जगदीशपुर (इस्लाम नगर) स्थित अवैध फैक्ट्री की तलाशी अभियान चलाया गया। कार्रवाई में 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन लिक्विड रूप में बरामद कर जब्त की गई। जिसकी कीमत 92 करोड़ रुपए आंकी गई। इसके पहले राजधानी में अक्टूबर 2024 को बगरोदा गांव के एक फैक्ट्री से एटीएस गुजरात और एनसीबी ने ड्रग्स का भंडाफोड़ किया था। इसकी कीमत 1814.18 करोड़ रुपए आंकी गई थी।
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आगर-मालवा पुलिस ने शुक्रवार को बड़ौद मार्ग पर दो वाहनों से 9.250 किलो केटामाइन और 6 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। इसके अलावा 12.100 किलो अमोनियम क्लोराइड पाउडर और 35 लीटर आइसोप्रोपाइल अल्कोहल भी जब्त किया गया है। जब्त सामग्री की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 5 करोड़ 7 लाख रुपए आंकी गई है।पढ़ें पूरी खबर