सतना में जमींदार साहू की दो सगी बेटियों, 10 वर्षीय सपना और 17 वर्षीय निशा की 24 घंटे के भीतर करैत सांप के काटने से मौत हो गई। रात में सपना को सोते समय सांप ने काटा, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अगले ही दिन शुक्रवार की रात उसकी बड़ी बहन निश
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सांप के काटने से मौत के ऐसे मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। आखिर सांप के जहर में ऐसा क्या है, जिससे मौत भी हो जाती है? दैनिक भास्कर ने कुछ रिसर्च खंगाली और एक्सपर्ट से बातचीत करके ऐसे कई सवालों के जवाब जाने।पढ़िए पूरी रिपोर्ट….
सांप के जहर का सच: कैसे छीन लेता है ज़िंदगी? सांप एक पल में ज़िंदगी छीन लेने की ताकत रखता है, आखिर कहां से आती है? क्या है उस ज़हर में, जो खून को जमा देता है और साँसों को रोक देता है?
अक्सर सवाल उठता है, क्या एक सांप एक साथ कई लोगों को काट सकता है? जवाब है, नहीं। सांप अपने शिकार को मारने या खुद को बचाने के लिए काटता है, न कि एक साथ कई लोगों को मारने के लिए। अगर सांप को खतरा महसूस हो, तो वह एक ही व्यक्ति को बार-बार काट सकता है।
सांपों के जहर में हीमोटॉक्सिक रक्त और ऊतकों को, जबकि न्यूरोटॉक्सिक तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं। वाइपर रक्तस्राव और कोबरा लकवा का कारण बनते हैं।

डॉ. बद्री विशाल सिंह की सलाह-सांप काटने पर क्या करना चाहिए
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. बद्री विशाल सिंह के अनुसार, सांप काटने पर घबराना नहीं चाहिए। सबसे पहले, काटे गए स्थान को स्थिर करें और उसे ज़्यादा कसकर न बांधें। फिर, तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाएं, क्योंकि सभी सीएचसी और पीएचसी में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध है। गंभीर स्थिति में, मरीज़ को उच्च केंद्र पर रेफर किया जा सकता है।
डॉ. सिंह ने कहा देशी इलाज और झाड़-फूंक से दूर रहें, क्योंकि सर्पदंश से होने वाली ज्यादातर मौतें इसी वजह से होती हैं। यदि अस्पताल पहुंचने तक मरीज की पल्स और बीपी सामान्य हैं, तो उसकी जान बचाई जा सकती है। उन्होंने सतना में दो सगी बहनों की सर्पदंश से हुई मौत का कारण उन्हें अस्पताल में देरी से लाना बताया और उन्होंने ही उन दोनों बहनों का इलाज किया था।

बालाघाट में परिवार के तीन लोगों को डसने के बाद लोगों ने सांप को मार डाला।
दो ऐसे मामले जिसमें दो से तीन लोगों की गई जान
- बालाघाट में बुधवार को पिता और दो सगे भाइयों को करैत सांप ने डस लिया। 4 और 7 साल के दोनों भाइयों की मौत हो गई, जबकि पिता का गोंदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार लांजी के कुल्पा गांव में दिनेश डहारे और बेटे ईशांत (4) और कुणाल (7) के साथ खाना खाकर सो रहे थे। अचानक रात में तीनों को उल्टियां होने लगीं। परिजनों ने पहले गांव के डॉक्टर को बुलाया। हालत बिगड़ने पर तीनों को गोंदिया ले जाया गया। रास्ते में ही ईशांत ने दम तोड़ दिया। कुणाल की मौत गोंदिया के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। घटना के बाद परिवार ने घर में सांप को ढूंढकर मार डाला।
- शिवपुरी में घर में सो रही महिला और उसके दो बेटों को सांप ने डस लिया, जिससे तीनों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार महिला पिंकी (उम्र 30 साल) पति ब्रजेश शिवपुरी जिले की रहने वाली थी। सोमवार को वह अपने बेटे प्रिंस (7) और बेटी नेहा (5) के साथ राजस्थान के बारां जिले में अपने मायके रक्षाबंधन पर्व मनाने के लिए पहुंची थी। जहां मंगलवार सुबह करीब 5 बजे तीनों को सोते समय करैत सांप ने डस लिया। परिजन ने उनके मुंह से झाग निकलते देखा। तीनों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। इधर, सांप कमरे में ही था, जिसे परिजन ने लाठी से हमला कर मार दिया।

शिवपुरी में घर में सो रही मां और दो बेटों को सांप ने काट लिया, जिससे तीनों की मौत हो गई।
सावधान रहिए…कहीं भी छिपकर बैठ जाते हैं सांप
- सागर: बाइक में जहरीला सांप- दो माह पहले सागर में एक बीए के छात्र की सांसें तब थम गईं, जब उसने अपनी मोटरसाइकिल के पेट्रोल टैंक के नीचे एक जहरीला सांप देखा। आनन-फानन में स्नेक कैचर को बुलाया गया, जिसने कड़ी मशक्कत के बाद सांप को पकड़ा। छात्र लगभग दो घंटे तक उसी बाइक पर घूमता रहा, जिसमें सांप छिपा हुआ था। यह घटना डॉ. हरीसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी की है। लकी नाम का छात्र बुलेट पार्क करके क्लास गया था।

सागर में रसेल वाइपर प्रजाति का सांप बुलेट के पेट्रोल टैंक के नीचे छिपा था।
- रायसेन: जूते में छिपी नागिन- पांच माह पहले रायसेन के गोपालपुर में एक युवक के जूते में नागिन छिपी मिली। मनीष मालवीय दुकान जाने के लिए तैयार हो रहे थे, जब उन्होंने जूते में नागिन देखी। उन्होंने तुरंत जूता फेंक दिया और सर्पमित्र कैलाश नाथ को बुलाया। कैलाश नाथ ने नागिन को काबू में किया और उसे जंगल में छोड़ दिया गया। मनीष ने बताया कि समय रहते नागिन को देख लेने से बड़ी दुर्घटना टल गई। गोपालपुर में सांप निकलने की घटनाएं आम हैं।

रायसेन में जूते के अंदर से नागिन को पकड़ा गया।
मध्यप्रदेश में हर साल ढाई हजार लोगों की मौत
सांप का काटना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। हर साल लगभग 2,500 से ज्यादा लोगों की जान जाने के अलावा, मध्यप्रदेश सरकार को प्रत्येक पीड़ित परिवार को 4 लाख रुपये का मुआवजा देना पड़ता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से 2024 तक, सर्पदंश से 10,700 मौतें हुईं। इस कारण सरकार पर 427 करोड़ रुपये से ज्यादा का वित्तीय बोझ पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को सर्पदंश से होने वाली मौतों को कम करने के उपायों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे कि जागरूकता अभियान चलाना और स्वास्थ्य केंद्रों में एंटीवेनम की उपलब्धता सुनिश्चित करना। इससे न केवल लोगों की जान बचाई जा सकेगी, बल्कि सरकार पर वित्तीय बोझ भी कम होगा।


