MPPSC: एंबुलेंस में दिया था इंटरव्यू… अब बने डिप्टी कलेक्टर, जन्म से दिव्यांग हिमांशु की कहानी अद्भुत

MPPSC: एंबुलेंस में दिया था इंटरव्यू… अब बने डिप्टी कलेक्टर, जन्म से दिव्यांग हिमांशु की कहानी अद्भुत


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MPPSC Result 2024 Success Story: जबलपुर के हिमांशु सोनी बचपन से ही दिव्यांग हैं. लेकिन, उनका संघर्ष अद्भुत है. इनकी कहानी हर युवा के लिए प्रेरणादायक है. पढ़ें…

मध्य प्रदेश के जबलपुर में रहने वाले हिमांशु सोनी ने Mppsc परीक्षा में 13वीं रैंक हासिल की है. अब वह डिप्टी कलेक्टर बनेंगे. महज 27 वर्ष के हिमांशु सोनी जन्म से ही 100 फीसदी अस्थि दिव्यांग हैं.

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दरअसल, हिमांशु बचपन से ही चल फिर नहीं पाते थे. पिता हिमांशु की मालिश करते हुए आए हैं, लेकिन MPSC के इंटरव्यू के कुछ दिन पहले ही एक हादसा हो गया था. जहां नहाते समय हिमांशु का पैर स्लिप हुआ और उनके हाथ की हड्डी टूट गई थी.

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हिमांशु उसी हाथ की बदौलत बैठा करते थे. लिहाजा, उन्हें खड़े होने में भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा था. लेकिन, हिमांशु ने हार नहीं मानी. हिमांशु का ऑपरेशन हुआ और उनके परिजन सहित दोस्त ट्रेन से इंदौर पहुंचे, जहां एंबुलेंस में ही बैठकर हिमांशु ने इंटरव्यू दिया था.

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हिमांशु का कहना है, इसके पहले 2022 में पीएससी से संचालक लोक शिक्षक में चयनित हुए थे. हिमांशु के पिता महेंद्र कुमार सोनी और मां माधवी सोनी दोनों ही रिटायर्ड शिक्षक हैं. हिमांशु का कहना है कि घर में ही प्रतिदिन ऑनलाइन स्टडी कर उन्होंने यह सफलता हासिल की है.

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आगे बताया, काफी संघर्ष के बाद यह सफलता हासिल हुई है. जन्म होने के साथ ही मेरा जीवन चुनौतियों से भरा हुआ था. मुझे खुद समझ में नहीं आता था, मेरे हाथ और पैर कहां हैं. इस उपलब्धि का पूरा श्रेय माता-पिता परिवार सहित मित्र और गुरुजन को जाता है.

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मेरे पिताजी और बड़े भाई ने निरंतर मेरा साथ दिया और हाथ-पैर की मालिश की. विद्यालय जीवन से लेकर कॉलेज जीवन तक शिक्षक और दोस्तों ने भरपूर साथ दिया. मैंने चुनौतियों को अपनी कमजोरी कभी नहीं माना और निरंतर पढ़ाई करता रहा.

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उन्होंने कहां, निरंतर मेहनत करनी चाहिए और असफलता हासिल होने पर निराश नहीं होना चाहिए. क्योंकि निराश होना, अपनी ही सफलता पर संदेह खड़ा करता है. महान विचारक ने कहां है, मुझे उस व्यक्ति से डर नहीं लगता जो 1 हजार कला का ज्ञान रखता है, बल्कि उस व्यक्ति से डर लगता है, जो एक ही कला का अभ्यास 1 हजार बार करता है.

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MPPSC: एंबुलेंस में दिया इंटरव्यू…अब बने डिप्टी कलेक्टर, पढ़ें अद्भुत कहानी



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