MPPSC Topper: सागर जिले के ऋषभ अवस्थी बने डिप्टी कलेक्टर, मिला दूसरा स्थान, परिवार को दिया श्रेय

MPPSC Topper: सागर जिले के ऋषभ अवस्थी बने डिप्टी कलेक्टर, मिला दूसरा स्थान, परिवार को दिया श्रेय


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Rishabh Awasthi MPPSC Topper: एमपी के सागर जिले के गांव देवरी के ऋषभ अवस्थी ने एमपीपीएससी 2024 की परीक्षा पास कर ली है और फाइनल रिजल्ट आने के बाद से ही उनके परिवार में खुशी का माहौल है. ऋषभ अवस्थी ने इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और बहनों को दिया है.

Sagar News: सागर जिले के एक 23 साल के लड़के ने डिप्टी कलेक्टर बनकर इतिहास रच दिया है. छोटे से गांव देवरी के ऋषभ अवस्थी ने सेल्फ स्टडी कर एमपीपीएससी 2024 की परीक्षा पास कर ली है. फाइनल रिजल्ट आने के बाद से ही उनके परिवार में खुशी का माहौल है. ऋषभ ने प्रदेश में दूसरी रैंक हासिल की है और रिजल्ट सुनते ही माता-पिता और बहनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक गए.

पिता ने जमीन बेचकर बच्चों को पढ़ाया 
ऋषभ के पिता रमेश अवस्थी ने बताया कि उनकी चार बेटियां हैं, जिन्होंने ऋषभ को पढ़ने में मदद की. उन्हीं की वजह से आज वह इस मुकाम पर पहुंच पाया है और इस समय ईश्वर की कृपा से हमारी तपस्या सफल हुई है. उन्होंने बेटे के सफल होने के पीछे बहनों की मेहनत और आर्थिक मदद बताई है. वहीं, पिता के मुताबिक, अपनी बेटियों और बच्चों को पढ़ने के लिए उन्होंने ढाई एकड़ जमीन बेच दी थी और इससे जो पैसा मिला था वह पढ़ाई में लगा दिया था. इतने सालों से मेरा जो सपना था आज वह बेटी ने पूरा कर दिया. इसके बाद यहीं जमीन लेकर खेती करते थे जिससे घर परिवार चलता था.

बेटे का रिजल्ट सुन मां हुई भावुक
मां गोमती अवस्थी ने बताया की बेटा सबसे छोटा था तो उसको बचपन में कभी जमीन पर भी नहीं रखते थे. कभी हमारी गोद में रहता था और जब हम काम करते थे तो बेटे से बड़ी चार बहनें थी तो सारी बहनें देखभाल करती थी. आज सभी की मेहनत से बेटे ने हम सबको गौरवान्वित होने का मौका दिया है.

बहनों ने पैसे लगाकर छोटे भाई को पढ़ाया 
ऋषभ के पिता रिटायर्ड प्लाटून कमांडर होमगार्ड हैं और उनके 5 बच्चे हैं. इनमें चार बेटियां और एक बेटा है. ऋषभ चार बहनों में इकलौते भाई हैं, जो सबसे छोटे हैं और इनकी पढ़ाई में बहनों का काफी सहयोग रहा है. ऋषभ ने प्राइमरी की पढ़ाई देवरी नगर से और आगे की पढ़ाई सेंट मैरी कॉन्वेंट सागर से की थी. इसके बाद ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएट इंदौर के अटल बिहारी यूनिवर्सिटी से की. उन्होंने हिस्ट्री जियोग्राफी और इकोनॉमिक्स से ग्रेजुएशन किया था.

सेल्फ स्टडी कर परीक्षा की पास 
ऋषभ अवस्थी ने बताया कि उन्होंने हमेशा सेल्फ स्टडी की है, लेकिन वह पढ़ाई करने के लिए अलग-अलग सोर्स का इस्तेमाल करते रहते थे. यूट्यूब की मदद मिलती थी, तो कोचिंग की टेस्ट सीरीज और नोट्स भी अलग-अलग जगह से जुगाड़ कर लेते थे. फिर इन्हीं सबसे पढ़ाई करते थे, लेकिन पढ़ाई के दौरान दो बातों का हमेशा ध्यान रखते थे, पहला तो एक सब्जेक्ट को एक ही किताब से पढ़ते थे और दूसरा रोजाना 6 से 7 घंटे फोकस्ड होकर पढ़ाई करते ही थे.

पिता वर्दी में देखता था बेटा 
सिविल सर्विसेज में जाने को लेकर ऋषभ ने बताया कि एक तो उनके पिता प्लाटून कमांडर थे तो शुरुआत से ही यह सपना था कि वह भी गवर्नमेंट जॉब में जाए. इसके लिए सिविल सर्विसेज सबसे अच्छा है और इसके अलावा उनके परिवार का भी यही सपना था कि मैं सरकारी नौकरी करूं सभी के आशीर्वाद से मैंने यह परीक्षा पास कर ली है.

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सागर जिले के ऋषभ अवस्थी बने डिप्टी कलेक्टर, मिला दूसरा स्थान



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