गांव में प्लास्टिक का नहीं नामोनिशान, आज भी राज करती ये हरी पत्ती…किसानों का कराती डबल मुनाफा

गांव में प्लास्टिक का नहीं नामोनिशान,  आज भी राज करती ये हरी पत्ती…किसानों का कराती डबल मुनाफा


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Banana Leaf Benefits: मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में शादी और धार्मिक आयोजनों में अब लोग केले के पत्तों पर भोजन करना पसंद कर रहे हैं. इससे न सिर्फ स्वाद और परंपरा का अहसास बढ़ा है, बल्कि किसानों की आमदनी भी दोगुनी हो गई है.

मोहन ढाकले/बुरहानपुर. मध्यप्रदेश का बुरहानपुर जिला इन दिनों पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. वजह है यहां का खास और पर्यावरण हितैषी चलन केले के पत्तों पर भोजन करना.

आजकल जब भी हम किसी शादी, धार्मिक आयोजन या बड़े भोज में शामिल होते हैं, तो वहां थाली या प्लास्टिक की पत्तल पर खाना परोसा जाता है. लेकिन बुरहानपुर की तस्वीर अलग है. यहां लोग अब केले के पौधे के पत्तों पर भोजन करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.

कैसे हुई शुरुआत?
बुरहानपुर में केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है. यहां लगभग 25 हजार हेक्टेयर जमीन पर केले का उत्पादन किया जाता है. पहले किसान सिर्फ केले के फल बेचकर ही मुनाफा कमाते थे, लेकिन अब पत्तों की भी डिमांड तेजी से बढ़ने लगी है. किसान इन पत्तों को काटकर बाजार में सप्लाई कर रहे हैं और इससे उनकी अतिरिक्त आमदनी हो रही है.

किसान हेमंत पाटिल बताते हैं कि पिछले 10 सालों में इस चलन ने जोर पकड़ा है. लोग बड़े आयोजनों के लिए खास तौर पर केले के पत्ते खरीदते हैं और मेहमानों को इन्हीं पर भोजन कराते हैं. पत्तों पर खाना न सिर्फ परंपरा का अहसास कराता है, बल्कि लोगों को इसका स्वाद और भी अच्छा लगता है.

पर्यावरण को बढ़ावा
बुरहानपुर में यह बदलाव सिर्फ परंपरा या स्वाद तक सीमित नहीं है. यहां के लोग पर्यावरण को बचाने का संदेश भी दे रहे हैं. नगर निगम और प्रशासन ने भी प्लास्टिक की पत्तल और दोने पर पाबंदी लगाने की शुरुआत कर दी है. अब मंगल भवनों और आयोजकों को सख्त चेतावनी दी गई है कि वे प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें.

इस वजह से केले के पत्तों की मांग और भी बढ़ गई है. किसान बताते हैं कि जहां पहले लोग पत्तों को बेकार समझकर फेंक देते थे, अब वही पत्ते उनके लिए अच्छी आमदनी का जरिया बन गए हैं.

क्यों है खास?
केले के पत्तों पर भोजन करने से स्वाद बढ़ जाता है.

यह पर्यावरण के लिए पूरी तरह सुरक्षित है.

बड़ी मात्रा में प्लास्टिक के इस्तेमाल को रोका जा रहा है.

किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है.

shweta singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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