हरदा का पचमढ़ी है गोराखाल झरना: 150 फीट ऊंचाई से गिरता है पानी, मानसून सीजन में दूर-दूर से आते हैं पर्यटक – Harda News

हरदा का पचमढ़ी है गोराखाल झरना:  150 फीट ऊंचाई से गिरता है पानी, मानसून सीजन में दूर-दूर से आते हैं पर्यटक – Harda News


रहटगांव तहसील मुख्यालय से 26 किलोमीटर दूर स्थित गोराखाल जलप्रपात पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। यह जिले का सबसे बड़ा झरना है, जो 150 फीट की ऊंचाई से गिरता है। इसके प्राकृतिक सौंदर्य को देखने दूर-दूर से पर्यटक आते हैं।

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इको पर्यटन में शामिल हुआ झरना टिमरनी के पूर्व विधायक संजय शाह ने इस झरने को संरक्षण के लिए लगातार प्रयास किए। उनके प्रयासों के चलते झरने को इको पर्यटन में शामिल किया गया है। मध्यप्रदेश इको पर्यटन विकास बोर्ड भोपाल ने वन विभाग के सहयोग से यहां सीढ़ियां और रेलिंग का निर्माण करवाया है। रविवार और छुट्टियों के दिनों में यहां पर्यटकों की संख्या अधिक रहती है।

डिप्टी रेंजर सुनील शर्मा के अनुसार, पानी की वजह से काई जम जाती है। इससे फिसलन का खतरा रहता है। पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। वन विभाग ने दोपहिया वाहनों के लिए 30 रुपए और चौपहिया वाहनों के लिए 130 रुपए का प्रवेश शुल्क निर्धारित किया है।

बारिश में बढ़ती है पर्यटकों की संख्या पहले 100 मीटर रेलिंग लगाई गई थी। कलेक्टर के निर्देश पर अब 100 मीटर अतिरिक्त रेलिंग लगाई गई है। स्थानीय ग्रामीणों को यहां चाय-नाश्ते की दुकानें लगाने की अनुमति है। लेकिन पर्यटकों की कम संख्या के कारण दुकानें नहीं चल पाती हैं। यह झरना मुख्य रूप से बारिश के मौसम में सक्रिय रहता है।

मानसून में झरने का दृश्य मनमोहक लगता है।



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