चाय भारत में केवल एक ड्रिंक नहीं, बल्कि कई घरों की जान है. सुबह उठते ही या शाम को थकान मिटाने के लिए यहां लोग चाय जरूर पीते हैं. लेकिन आजकल की तेज़ रफ्तार वाली ज़िंदगी में अधिक शक्कर वाली चाय पीने से कई सेहत संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं. डायबिटीज, मोटापा, हार्ट की बीमारी और स्किन से जुड़ी परेशानियाँ इसके प्रमुख उदाहरण हैं. यही कारण है कि डाइटिशियन और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि शक्कर की जगह नेचुरल स्वीटनर का इस्तेमाल करें. ये न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि आपकी सेहत का भी ध्यान रखते हैं. आइए जानते हैं चाय में शक्कर की जगह कौन-कौन सी चीज़ें इस्तेमाल की जा सकती है.
1. शहद – नेचुरल और पौष्टिक स्वीटनर
शहद को चाय में डालते समय ध्यान रखें कि आप चाय को गैस से उतारने के बाद उसमें शहद मिलाएं. ताकि इसमें मौजूद सभी न्यूट्रिएंट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स सही रूप में रहें. शहद में एंटी-बैक्टीरियल और एन्टीऑक्सीडेंट गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह पाचन तंत्र को भी स्वस्थ बनाता है और वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है. चाय में डालने के लिए शक्कर जितनी मात्रा में शहद डालें. इसका स्वाद हल्का मीठा और स्वास्थ्यवर्धक होता है. खासकर सर्दियों में यह उपाय बहुत कारगर साबित होता है.
2. गुड़
गांवों में आज भी गुड़ वाली चाय का रिवाज बना हुआ है. गुड़ प्राकृतिक रूप से आयरन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. इसका स्वाद शक्कर से अलग जरूर होता है, लेकिन सेहत के लिहाज से यह कहीं बेहतर विकल्प है. ध्यान देने वाली बात यह है कि गुड़ डालने के बाद चाय को ज़्यादा देर तक न उबालें, क्योंकि इससे गुड़ के पौष्टिक तत्व खत्म हो सकते हैं. गुड़ चाय खासकर सर्दियों में पीने से शरीर को गर्माहट मिलती है और थकान भी दूर होती है.
3. मुलेठी
मुलेठी (Licorice) आयुर्वेद में सदियों से उपयोग की जा रही है. यह प्राकृतिक रूप से मीठी होती है और इसके स्वास्थ्य पर कई लाभकारी असर होते हैं. मुलेठी से बनी चाय विशेष रूप से सर्दी-खांसी और गले की खराश में राहत पहुंचाती है. इसे दालचीनी या लौंग के साथ मिलाकर हर्बल टी के रूप में भी पी सकते हैं. चाय में मुलेठी डालने से न केवल मिठास मिलती है, बल्कि यह आपकी इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है.
4. खजूर का सिरप
खजूर का सिरप गाढ़ा और मीठा होता है, इसलिए इसका इस्तेमाल कम मात्रा में करना चाहिए. इसमें फाइबर, आयरन और अन्य जरूरी मिनरल्स होते हैं जो एनर्जी बूस्टर की तरह काम करते हैं. ब्लैक टी या दूध वाली चाय में इसे मिलाकर पीने से स्वाद के साथ-साथ सेहत भी सुधरती है. खासकर वजन बढ़ाने या एनर्जी की कमी महसूस होने पर यह तरीका बहुत उपयोगी साबित होता है. ध्यान रखें कि सिरप ज्यादा डालने से चाय का स्वाद बहुत गाढ़ा हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में इस्तेमाल करें.
5. ड्राई फ्रूट्स
डाक्टर अनिल पटेल बताते हैं कि किशमिश और छुआरा जैसे ड्राई फ्रूट्स को दूध में उबालकर चाय बनाई जा सकती है. यह तरीका चाय को ना सिर्फ मीठा बनाता है, बल्कि इसे हेल्दी भी बनाता है. ड्राई फ्रूट्स में भरपूर मात्रा में विटामिन्स, फाइबर और मिनरल्स पाए जाते हैं. अगर आपको बहुत मीठी चाय पसंद नहीं है तो यह तरीका आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है. साथ ही, किशमिश-छुआरे की चाय विशेष रूप से सर्दियों में शरीर को गरम रखने में सहायक होती है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.