विदिशा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, मध्यभारत प्रांत का दो दिवसीय छात्रा सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में प्रदेशभर से 1200 से ज्यादा छात्राएं पहुंचीं।
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राष्ट्रीय मंत्री शालिनी वर्मा ने छात्राओं को भारतीय इतिहास की प्रेरक महिलाओं की कहानियां सुनाईं। उन्होंने रानी अब्बक्का, अहिल्याबाई होलकर, सावित्रीबाई फुले और सुषमा स्वराज के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए अधिकारों के साथ कर्तव्य और सेवा भी जरूरी हैं।
छात्राओं को शक्ति इंटर्नशिप से जोड़ा इस मौके पर क्षेत्रीय छात्रा प्रमुख वसुंधरा सिंह ने बताया कि 200 से अधिक छात्राओं को “शक्ति इंटर्नशिप प्रोग्राम” में जोड़ा गया है। इसमें फूड मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी जैसे विषयों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
सम्मेलन में मिशन साहसी के तहत आत्मरक्षा का प्रशिक्षण भी हुआ। छात्राओं ने लव जिहाद और विकसित भारत में महिलाओं की भूमिका पर विचार-विमर्श किया। साथ ही देशभक्ति गीतों पर नृत्य और एकल गायन की प्रस्तुतियां भी दीं। इस कार्यक्रम की खासियत यह रही कि अतिथियों को फूलों की बजाय त्रिशूल भेंट किया गया और मोटे अनाज से रंगोली बनाकर स्वदेशी और स्वास्थ्य का संदेश दिया गया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को निर्भीक बनाना और राष्ट्रनिर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।
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