MP: न सरकारी नौकरी, न मजदूरी…इस गांव के ग्रेजुएट लड़के ने दूध बेच कमाए लाखों रुपए, बदली युवाओं की सोच

MP: न सरकारी नौकरी, न मजदूरी…इस गांव के ग्रेजुएट लड़के ने दूध बेच कमाए लाखों रुपए, बदली युवाओं की सोच


Khandwa News: खंडवा जिले के अनजन गांव की धरती पर ऐसी कहानी लिखी जा रही है, जिसे सुनकर हर ग्रामीण और युवा प्रेरित हो जाए. अक्सर गांव के लोग सोचते हैं कि व्यवसाय करना मुश्किल है. खासकर जब संसाधनों की कमी हो और नौकरी का विकल्प न हो, लेकिन चेतन लाखा चारण नाम के एक युवक ने इस सोच को चुनौती दी और खुद का व्यवसाय शुरू करके सफलता की नई मिसाल कायम की.

चेतन लाखा चारण, एक होनहार ग्रेजुएट लड़का, जिन्होंने पढ़ाई पूरी करने के बाद बड़े शहर में नौकरी की तलाश करने की बजाय अपने गांव लौटकर एक अलग राह चुनी. उन्होंने महसूस किया कि गांव में रहते हुए ही व्यवसाय की शुरुआत की जा सकती है, बस जरूरत थी तो सही दिशा और मेहनत की है. नौकरी का विकल्प छोड़कर उन्होंने अपने घर पर ही छोटे स्तर पर दूध उत्पादन व्यवसाय की शुरुआत की. शुरुआत में उनके पास सिर्फ एक भैंस थी, जिससे उन्होंने दूध उत्पादन करना शुरू किया. लोगों की तमाम उलझनों और आलोचनाओं को अनसुना करते हुए उन्होंने अपने कदम आगे बढ़ाए.

व्यवसाय में ईमानदारी बहुत जरूरी- चेतन लाखा
धीरे-धीरे चेतन ने अपने व्यवसाय को बड़े पैमाने पर विकसित किया. एक-एक भैंस जोड़ते गए और ध्यान दिया कि उनके पशुओं का स्वास्थ्य ठीक रहे। समय के साथ-साथ उन्हें पशुपालन, स्वास्थ्य प्रबंधन और दूध वितरण का अच्छा अनुभव हो गया. उन्होंने नए-नए तरीके अपनाए ताकि उत्पाद की गुणवत्ता बनी रहे और अधिक से अधिक ग्राहक उनसे जुड़ें. उन्होंने यह भी ध्यान दिया कि दूध साफ-सुथरा और ताजा हो, ताकि ग्राहकों का विश्वास बना रहे. चेतन के मुताबिक, व्यवसाय में सफलता पाने के लिए मेहनत के साथ-साथ ईमानदारी भी उतनी ही जरूरी है.

लाखा के पास 35 से अधिक भैंसें
आज चेतन लाखा चारण के पास 35 से अधिक भैंसें हैं, जो रोजाना लगभग 150 से 170 लीटर से ज्यादा दूध उत्पादन करती हैं. यह दूध अनजन गांव से लेकर खंडवा जिले के आसपास के शहरों में सप्लाई किया जाता है. उन्होंने गांव के ही अन्य लोगों को भी इस व्यवसाय से जोड़ा ताकि सामूहिक रूप से गांव का विकास हो. चेतन ने न केवल अपने लिए रोजगार का जरिया बनाया, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित किए. उनके प्रयासों से गांव में एक नई ऊर्जा का संचार हुआ है और कई युवा अब व्यवसाय की राह पर चलने के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं.

लाखों रुपए की कमाई का बना जरिया
चेतन की सफलता का सबसे बड़ा कारण था उनका निश्चय और परिश्रम. शुरुआती दिनों में उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, जैसे पर्याप्त पूंजी का अभाव, पशुओं की सही देखभाल, दूध की उचित बिक्री व्यवस्था, ग्राहकों तक ताजा दूध पहुंचाने की व्यवस्था इत्यादि, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. छोटे-छोटे कदम बढ़ाकर धीरे-धीरे अपनी स्थिति को मजबूत किया. उन्होंने बैंक से ऋण नहीं लिया ओर न ही सरकारी योजनाओं का लाभ उठाया और व्यवसाय के प्रति पूरी लगन से जुट गए। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और आज उनका यह व्यवसाय लाखों रुपए की कमाई का जरिया बन चुका है.

हर युवा के लिए प्रेरणा
चेतन लाखा चारण की कहानी आज गांव के हर युवा के लिए प्रेरणा बन चुकी है. यह साबित करता है कि सही सोच, मेहनत और लगन से हर मुश्किल को आसान बनाया जा सकता है. चेतन का सपना है कि आने वाले समय में वे अपने व्यवसाय को और भी बड़े पैमाने पर ले जाकर न केवल खुद का, बल्कि अपने गांव का नाम भी रोशन करें. उनका मानना है कि अगर हर युवा अपने अंदर आत्मविश्वास जगाए और मेहनत से पीछे न हटे तो सफलता उसके कदम जरूर चूमेगी. स गांव के चेतन लाखा चारण की मेहनत, संघर्ष और सफलता की यह कहानी हर किसी को यह संदेश देती है कि ‘हर कठिनाई के बाद सफलता का द्वार जरूर खुलता है’। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए ऐसे लोग ही प्रेरणा हैं। उनका यह व्यवसाय खंडवा जिले में एक नई दिशा का संकेत बन गया है।



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