बैतूल में भारतीय किसान संघ मध्य भारत प्रांत की इकाई ने शुक्रवार को एक बड़ी रैली निकाली। किसान ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों के साथ शहर की सड़कों पर उतरे, सरकार के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। रैली के उपरांत किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को 36 सू
.
इस ज्ञापन में फसल बीमा योजना में पारदर्शिता, समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी, खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा और बिजली संबंधी समस्याओं के त्वरित निराकरण जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेशाध्यक्ष कमल सिंह अंजना ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा, “सरकार किसी की नहीं होती, सरकार सरकार होती है। लेकिन आज स्थिति यह है कि सरकार को नेता नहीं, बल्कि प्रशासन चला रहा है, जिसके कारण सभी गड़बड़ियां हो रही हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों की जमीन से जुड़े लैंड पूलिंग के मुद्दे को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदेशाध्यक्ष अंजना ने बताया कि जिले में सोयाबीन की फसल अफलन और वायरस के कारण बर्बाद हो रही है, लेकिन किसानों को बीमा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उर्वरकों की भारी किल्लत है और खुलेआम कालाबाजारी चल रही है। इसके अतिरिक्त, बिजली की खराब व्यवस्था और जले ट्रांसफार्मरों को समय पर न बदलने से खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6,000 रुपए प्रति क्विंटल करने और धान, मक्का व गेहूं की खरीदी तय दरों पर करने की मांग की।
किसान संघ ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले में बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
देखिए तस्वीरें…










