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Apple Growing Tips: क्या गर्म जलवायु में गमले में सेब उग सकता है? छतरपुर कृषि विज्ञान केंद्र के एक्सपर्ट डॉ. कमलेश अहिरवार बताते हैं कि सेब लगाना संभव तो है लेकिन क्वालिटी और उत्पादन ठंडे इलाकों जैसा नहीं मिलेगा.
छतरपुर जिले के नौगांव कृषि विज्ञान केंद्र में पदस्थ उद्यानिकी एक्सपर्ट डॉक्टर कमलेश अहिरवार बताते हैं कि छतरपुर बुंदेलखंड की जलवायु गर्म है. पूरे बुंदेलखंड रीजन के साथ ही कोई सा भी रीजन हो वहां सेब लगाना पॉसिबल तो है लेकिन उसमें क्वालिटी वाले फल मिलना संभव नहीं है. क्योंकि सेब एक टेंपरेट फ्रूट है यानी कि शीतोष्ण मौसम वाला फ्रूट है. इसका रिसर्च सेंटर जम्मू कश्मीर में है तो ठंडी अनुकूलता वातावरण वाला फल होगा. अगर आप गर्मी वाले इलाकों में इसे उगा भी लेते हैं तो आपको फल तो मिल जाएगा लेकिन उच्च क्वालिटी का नहीं मिलेगा. कह सकते हैं कि व्यापक रूप से आपको इसमें फल नहीं मिलेंगे.
डॉ कमलेश बताते हैं कि सेब को घर में उगा सकते हैं. लेकिन प्रोडक्शन नहीं होगा और न ही क्वालिटी आपको इसमें मिलेगा. यह सिर्फ देखने के लिए ही फल होगा, जिसे आप देख सकते हैं . हालांकि, खा भी सकते हैं . लेकिन जो क्वालिटी सेब में होनी चाहिए वह आपको नहीं मिलेगी. डॉ कमलेश बताते हैं कि छतरपुर जिले के हरपालपुर में कुछ किसानों ने सेब लगाए थे लेकिन सर्वाइवल नहीं हो पाया. क्योंकि यह गर्मी इलाके वाले क्षेत्र हैं. सेब को ठंडा मौसम जरूरी है जहां तापमान कम हो.
वैरायटी में फर्क पड़ता है
डॉ कमलेश बताते हैं कि गर्म वातारण वाले इलाकों में सेब की कोई सी भी वैरायटी लगा लें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. कहने का मतलब है कि मौसम जहां ठंडा नहीं रहेगा वहां आप सेब की कोई सी भी वैरायटी लगा लें, प्रोडक्शन और क्वालिटी लो ही रहेगा. वैरायटी का मतलब होता है कि वह रोग प्रतिरोधी(रेजिस्टेंस) होती है, कीट प्रतिरोधी होती है. यह विशेषता वैरायटी में होती है. लेकिन वह क्लाइमेट नहीं बदल सकती है. सेब की कोई सी भी वैरायटी लगा लें उसके लिए ठंडा मौसम होना जरूरी है.
Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें
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