डॉ. अनिल पटेल के मुताबिक, दांतों की कैविटी से बचाव और शुरुआती स्तर पर उपचार कुछ घरेलू उपायों से संभव है. उन्होंने पांच ऐसे आसान और कारगर नुस्खे बताए हैं, जिनकी मदद से दांतों के गड्ढे और सड़न को काफी हद तक रोका और सुधारा जा सकता है.
डॉ. पटेल के अनुसार, अगर दांतों में दर्द या हल्की सड़न है तो नमक और सरसों के तेल का मिश्रण बहुत असरदार होता है. एक चुटकी नमक में दो बूंद सरसों का तेल मिलाकर दांतों और मसूड़ों पर हल्के हाथ से मलने से बैक्टीरिया खत्म होते हैं और दांत मजबूत बनते हैं. यह नुस्खा खासतौर पर मसूड़ों की सूजन और दांत की बदबू दूर करने में मदद करता है.
2. लौंग का तेल
लौंग में मौजूद यूजेनॉल नामक तत्व प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है. डॉक्टर का कहना है कि अगर दांत में कैविटी से दर्द हो रहा है तो रुई पर लौंग का तेल लगाकर दांत पर रखने से आराम मिलता है. लौंग का तेल दांत की नसों में पहुंचकर इन्फेक्शन कम करता है और पस बनने की प्रक्रिया को रोकने में मदद करता है.
पुराने समय से नीम को दांतों का सबसे बड़ा रक्षक माना गया है. नीम की दातून चबाने से न केवल दांतों पर जमी परत (प्लाक) साफ होती है, बल्कि मुंह के कीटाणु भी खत्म हो जाते हैं. डॉ. पटेल का कहना है कि अगर रोज सुबह नीम की दातून की जाए तो दांतों की सड़न और कैविटी बनने की संभावना बहुत कम हो जाती है.
4. हल्दी और नारियल तेल
हल्दी प्राकृतिक एंटीबायोटिक है और नारियल तेल में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. दोनों को मिलाकर पेस्ट बना लें और इसे दांतों पर हल्के हाथ से लगाएं. यह नुस्खा कैविटी के कारण बनने वाले छेद को भरने में सहायक होता है और मसूड़ों को भी स्वस्थ बनाता है. डॉ. पटेल के मुताबिक, यह उपाय शुरुआती कैविटी को रोकने के लिए सबसे प्रभावी है.
खाना खाने के बाद तुरंत गुनगुने पानी से कुल्ला करना दांतों को कैविटी से बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. इससे खाने के छोटे-छोटे कण दांतों में फंसकर बैक्टीरिया बनने की संभावना को कम कर देते हैं. डॉ. पटेल कहते हैं कि अगर कोई व्यक्ति यह आदत डाल लें तो उसके दांत लंबे समय तक स्वस्थ और चमकदार रह सकते हैं.
विशेषज्ञ की सलाह
डॉ. अनिल पटेल के अनुसार ये घरेलू नुस्खे तभी असरदार होते हैं जब कैविटी शुरुआती स्तर पर हो। अगर कैविटी बहुत गहरी हो जाए और दांत में लगातार दर्द या पस बनने लगे, तो घरेलू नुस्खे पर्याप्त नहीं होते। ऐसे में तुरंत दंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर फिलिंग या रूट कैनाल जैसे उपचार करवाने चाहिए।
निष्कर्ष
दांतों की देखभाल करना शरीर की सेहत के लिए उतना ही जरूरी है, जितना सही खानपान. मीठा खाने से बचना, दिन में दो बार ब्रश करना और समय-समय पर डॉक्टर से दांतों की जांच कराना बेहद जरूरी है. अगर आप डॉक्टर अनिल पटेल के बताए इन पांच नुस्खों को अपनाते हैं, तो न केवल आपके दांतों की कैविटी कंट्रोल होगी, बल्कि लंबे समय तक दांत मजबूत और स्वस्थ बने रहेंगे.