बुरहानपुर शहर के ऐतिहासिक महाजनापेठ स्थित बालाजी मंदिर में भगवान बालाजी महाराज के 15 दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ सोमवार, नवरात्रि के पहले दिन से होगा। इस अवसर पर मंदिर में अभिषेक, पूजन, घटस्थापना सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। सोमवार को बालाज
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मंगलवार से होगी रथयात्रा की शुरुआत
इस बार चित्रा नक्षत्र सोमवार को न होने के कारण भगवान बालाजी के मुख्य वाहन गरुड़ महाराज को मंदिर परिसर स्थित स्तंभ पर मंगलवार दोपहर को विराजमान किया जाएगा। इसके साथ ही मंगलवार से रथ यात्रा का शुभारंभ होगा, जो लगातार नौ दिनों तक शहर के विभिन्न निर्धारित मार्गों से निकाली जाएगी।
रथ पर सवार होकर भगवान बालाजी महाराज प्रजा के हाल जानेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। रथ यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, आरती और धार्मिक झांकियों के माध्यम से नगर में भक्ति और उल्लास का वातावरण रहेगा।
400 वर्षों से जारी है परंपरा
पुजारी चंद्रकांत बालाजीवाले ने बताया कि महाजनापेठ स्थित बालाजी मंदिर शहर के सबसे पुराने मंदिरों में से एक है, जहां करीब 400 वर्षों से बालाजी रथयात्रा और मेला महोत्सव का आयोजन होता आ रहा है।
यहां की मान्यता के अनुसार, गरुड़ महाराज को स्तंभ पर विराजमान किए बिना रथ यात्रा प्रारंभ नहीं की जाती। इसी परंपरा का पालन करते हुए इस वर्ष भी पहले गरुड़ को स्थापित किया जाएगा, फिर रथयात्रा निकाली जाएगी।
श्रद्धालुओं में उत्साह
नवरात्रि के साथ शुरू हो रहे इस महोत्सव को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह है। मंदिर परिसर और यात्रा मार्गों पर सजावट और व्यवस्था की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। नगर प्रशासन और मंदिर समिति द्वारा सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी समुचित इंतजाम किए गए हैं।