खंडवा में एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने फांसी लगाकर जान दे दी है। वह रविवार दोपहर के समय घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में सोने गया था। रात में नीचे नहीं उतरा तो पिता देखने गए, कमरे का दरवाजा खोला तो बेटा फंदे पर झूलता नजर आया। उसकी सांसें थम चुकी
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घटना शहर के थाना मोघट रोड़ क्षेत्र में रमा कॉलोनी की है। मृतक गौरव धारसे (35) खंडवा में ही एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में नौकरी करता था। पिता दुर्गादास धारसे जनपद पंचायत खंडवा में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। इसी महीने उनका रिटायरमेंट होना है।
पिता के रिटायरमेंट की तारीख 30 सितंबर हैं, और इसी दिन मृतक बेटे का दसवां होना है। इकलौते बेटे की मौत से पिता और पूरा सदमे में है। सोमवार को शव का पोस्टमार्टम हुआ, इसके बाद किशोर कुमार मुक्तिधाम पर अंतिम संस्कार किया गया। इधर,पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
डेढ़ साल पहले शादी हुई, 4 महीने की बेटी
गौरव धारसे की शादी डेढ़ साल ही भोपाल में हुई थी। शादी के बाद 4 महीने की बेटी हैं। प्रसव के बाद से पत्नी और बेटी उनके मायके भोपाल में ही है। परिजन के मुताबिक, गौरव उनसे मिलने और उन्हें खंडवा लाने के लिए शुक्रवार के दिन ही भोपाल गया था। लेकिन बहू के परिवार ने कहा अभी बेटी की केयर ठीक से नहीं हो पाई है।
ससुराल वालों ने गौरव से कहा कि दीवाली बाद वे पत्नी और बेटी को ले जाए। यहीं बात गौरव ने घर आकर परिवार वालों को बताई और यहां तक कहा कि वो अब दीवाली तक हर शनिवार, रविवार को पत्नी और बेटी से मिलने चले जाया करेगा।
छोटे भाई का बीमारी के चलते हो गया था निधन
पंचायत इंस्पेक्टर दुर्गादास धारसे के छोटे बेटे का निधन सिकलसेल एनीमिया नाम की बीमारी के चलते हो गया था। मृतक गौरव धारसे परिवार में इकलौता बेटा था। उसके इस कदम ने पूरे हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली। वहीं सालों तक सरकारी नौकरी करने वाले पिता अब रिटायर होने वाले थे, इसी बीच बेटे ने यह कदम उठा लिया।